नई दिल्ली: अयोध्या मामले में फैसला आने के बाद लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों, बड़ी हस्तियों व धर्म गुरुओं ने इसका स्वागत किया है. इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने कहा मैं आज खुश हूं. राम मंदिर को लेकर जितने कारसेवकों ने बलिदान दिया है उनका संघर्ष बेकार नहीं गया. राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए. राम मंदिर के साथ-साथ राष्ट्र में राम राज्य भी होना चाहिए, यही मेरी इच्छा है.

वहीं इस मामले पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि आज का दिन भारत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. सभी ने फैसला स्वीकार कर लिया है. मैं 24 नवंबर को अयोध्या जाऊंगा.

वहीं दूसरी ओर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक और बयान जारी कर कांग्रेस पर जुबानी हमला किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपना असली रंग दिखा दिया है. अगर राजीव गांधी ने ताला ना खोला होता तो वहां आज भी मस्जिद होता. ओवैसी ने कहा कि नरसिम्हा राव ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया होता तो वहां मस्जिद अब भी मौजूद होता.

इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा- हम विनम्रतापूर्वक सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं, मैं शुक्रगुजार हूं कि मुसलमानों ने और बड़े लोगों ने इस फैसले को स्वीकार किया है और विवाद अब समाप्त हो गया है. हालांकि इसकी उनको (मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड) समीक्षा याचिका दायर करने का अधिकार है, मुझे लगता है कि मामला अब समाप्त हो जाना चाहिए.

(इनपुट-एजेंसी)