नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने आज दशकों से चले आ रहे विवाद पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाने का फैसला सुनाया और इसके लिए तीन महीनें के अंदर सरकार को ट्रस्ट बनाकर मंदिर की रूप रेखा तैयार करने को कहा. कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का भी आदेश सरकार को दिया है.

कोर्ट के इस फैसले के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि काफी लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद इस मसले पर फैसला आया है संघ कोर्ट के फैसले का स्वागत करता है. मोहन भागवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मुद्दे के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपना फैसला सुनाया है.

संघ प्रमुख ने कहा कि आपसी सौहार्द बनाए रखें और इस फैसले को जय पराजय की नजर से न देखें. उन्होंने से सभी से अपील की कि सभी लोग राम मंदिर निर्माण में सहयोग दें और मिलजुल कर इसका निर्माण करें.उन्होंने कहा कि काफी लंबे विवाद के बाद आज फैसला आया लेकिन देर आए दुरुस्त आए.

वहीं दूसरी तरफ योग गुरू रामदेव ने कहा कि राम मंदिर के साथ साथ हमें मस्जिद निर्माण में भी योगदान देना चाहिए. राम देव ने कहा कि श्री राम सिर्फ हिंदुओं के ही नहीं बल्कि सभी लोगों के पूर्वज हैं. उन्होंने कहा कि आज के इस फैसले से हमें समाज में शांति एकता और सद्भावना की मिसाल कायम करना है.

संघ प्रमुख ने कहा ,‘‘संपूर्ण देशवासियों से अनुरोध है कि विधि और संविधान की मर्यादा में रहकर संयमित और सात्विक रीति से अपने आनंद को अभिव्यक्त करें.’’ भागवत ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस विवाद के समापन की दिशा में न्यायालय के निर्णय के अनुरूप परस्पर विवाद को समाप्त करने वाली पहल सरकार की ओर से शीघ्र होगी. उन्होंने कहा ,‘‘अतीत की सभी बातों को भुलाकर हम सभी मिलकर रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर के निर्माण में अपने कर्तव्य का पालन करेंगे.’’