भोपाल: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने अयोध्या मामले में शनिवार को उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सभी को फैसले का सम्मान करना चाहिए. चौहान ने फैसले के बाद ट्वीट किया, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले का हम सभी सम्मान करें, आदर करें और स्वागत करें. किसी की हार नहीं हुई है. हमारे देश ने सदैव दुनिया को शांति का संदेश दिया है. मैं देश और प्रदेशवासियों से अपील करता हूं कि आपस में एकता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखें.’’ इस बीच लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी इस फैसले का स्वागत किया.

वहीं इस मामले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी से अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को पूरी गंभीरता और धैर्य से स्वीकारने की अपील की है. सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सिंधिया ने ट्वीट किया, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करता हूं. सभी को इस फैसले को पूरी गंभीरता और धैर्य से स्वीकार करना चाहिए.” उन्होंने आगे कहा, “हम सब की जिम्मेदारी है कि इस फैसले के बाद आपसी सौहाद्र्र, भाईचारे और अमन चैन की नींव पर मजबूती से खड़े हमारे देश में शांति और सद्भाव कायम रहे. हम सब मिलकर एक-दूसरे का हाथ थामकर प्रेम और परस्पर विश्वास की भावना से देश को आगे बढ़ाएं.”

यहीं नहीं उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सभी को मिलकर फैसले का सम्मान करना चाहिए और किसी प्रकार के उत्साह, जश्न या विरोध का हिस्सा नहीं बनना चाहिए. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फैसला आने के बाद ट्वीट किया, ‘‘अयोध्या मामले पर फैसला आ चुका है. एक बार फिर आपसे अपील करता हूं कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले का हम सभी मिल-जुलकर सम्मान एवं आदर करें. किसी प्रकार के उत्साह, जश्न और विरोध का हिस्सा ना बनें. अफवाहों से सावधान एवं सजग रहें. किसी भी प्रकार के बहकावे में ना आएं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपसी भाईचारा, संयम, अमन-चैन, शांति, सद्भाव एवं सौहार्द बनाए रखने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें. सरकार प्रदेश के हर नागरिक के साथ खड़ी है. कानून व्यवस्था एवं अमन-चैन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पूरे प्रदेश में पुलिस प्रशासन को ऐसे तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश पूर्व में ही दिए जा चुके हैं. यह प्रदेश हमारा है, हम सभी का है. कुछ भी हो, यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हमारा प्रेम, हमारी मोहब्बत, हमारा भाईचारा, हमारा आपसी सौहार्द समाप्त नहीं हो. आज अमन एवं मोहब्बत के पैगाम को सभी तक फैलाने और नफरत एवं वैमनस्य को परास्त करने की आवश्यकता है.’’

(इनपुट-एजेंसी)