लखनऊ: अयोध्या भूमि विवाद मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से रामनगरी में लोग विकास की चाहत के सपने सजाए बैठे हैं. विवाद के चलते विकास की जो रफ्तार धीमी चल रही थी, सरकार भी उसे तेज करने जा रही है. सरकार की मंशा इसे आगे चलकर धर्मिक पर्यटन का प्रमुख स्थल बनाने की है. यही कारण है कि 2017 के बाद से प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दर्जनों बार अयोध्या गए और वहां रामलला के दर्शन भी किए. उन्होंने तीन बार अयोध्या में दीपोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया और फैजाबाद जिले का नाम बदलकर उसे अयोध्या किया.

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स्थानीय निवासियों का कहना है कि लोग यहां पर तमाम बंदिशें होने के चलते और भय के कारण यहां आने से कतराते थे, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद से यहां पर लोगों के आने का मार्ग प्रशस्त होगा. अभिलाष मिश्रा कहते हैं, “प्रदेश में योगी सरकार के बनने के बाद से अयोध्या में विकास हुआ है. इसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में यहां और अधिक तेजी से विकास कराए जाने की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा कि विवाद पर फैसला आने से पहले ही केंद्र के बाद प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने से अयोध्या की दशा सुधारने का खाका खींचा जाना शुरू हो गया था.

पर्यटन विभाग के एक अधिकारी कहते हैं अब पाबंदियां पर्यटकों की राह में रोड़ा नहीं बनेंगीं. श्रद्धालु अयोध्या आना भी चाहते हैं. दो वर्ष से दीपोत्सव में ही लगभग दो करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हैं. वैसे औसतन प्रतिदिन 50 हजार श्रद्धालु-पर्यटक अयोध्या आते हैं. अधिकारी ने कहा, “अब राम मंदिर निर्माण शुरू होगा तो उसे बनते देखने की ललक भी लोगों में होगी.” विभाग का आकलन है कि मंदिर निर्माण शुरू होते ही श्रद्धालुओं और भक्तों का यहां आने का आंकड़ा लाखों की संख्या में हो सकता है.

तुलसी स्मारक के पास पूजन सामग्री का व्यवसाय करने वाले रामकुमार कहते हैं कि नई सरकार बनने से यहां पर पर्यटकों का इजाफा हो रहा है. उन्होंने कहा, “घोषित की गई योजनाओं को अगर जल्दी पूरा कर लिया जाए, तो श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है.”

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अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने बताया कि अयोध्या के विकास में केंद्र और राज्य सरकार दोनों ही पूरा प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा, “भगवान राम की भव्य मूर्ति पर काम शुरू हो चुका है. इसके लिए 61 हेक्टेयर भूमि चिह्न्ति हो चुकी है. वहीं यहां पर डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रिटेशन सेंटर, लाइब्रेरी, पार्किं ग, फूड प्लाजा, लैंडस्केपिंग आदि भी की जाएगी.”

उन्होंने कहा, “सरकार के पास इसे पूर्ण विकसित करने का प्लान है. बहुत सारे विकास कार्य यहां पर चल रहे हैं. साथ ही डिजिटल म्यूजियम भी बनाया जाना है. इसके साथ ही अयोध्या में विकास की तमाम योजनाएं हैं, जो यहां की शोभा बढ़ाएंगी.”