पणजी: केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमण मुक्त होने के बाद पैदा होने वाली दिक्कतों से निपटने में आयुर्वेद, योग और अन्य पद्धतियां पूरी दुनिया के लोगों के लिए बेहद मददगार होंगी. शनिवार को कई ट्वीट करते हुए केंद्रीय मंत्री नाइक ने कहा कि भविष्य में इस तरह की दिक्कतों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए रोकथाम वाले कदमों पर जोर देने वाले स्वास्थ्य मॉडल की जरूरत है. Also Read - देश में फिर लगेगा Lockdown या Covid Vaccine पर होगी चर्चा? PM मोदी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आज

उन्होंने ‘पोस्ट कोविड-19 एरा हेल्थ एंड ह्यूमेनिटी इम्पैक्ट ऑन ह्यूमन एंड सोसाइटिज’ विषय पर वैश्विक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी के प्रभाव की वजह से समाज और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में बुनियादी बदलाव होंगे. Also Read - World Disability Day: दिव्यांगों ने खुद के बनाये मास्क बांटकर कोरोना के प्रति लोगों को किया जागरूक

नाइक ने ट्वीट किया, ‘‘ मैं आश्वस्त हूं कि आयुर्वेद, योग और अन्य पद्धतियां कोविड-19 के बाद की चुनौतियों से निपटने में पूरे विश्व के लिए बेहद मददगार होंगी.’’ नाइक भी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और बाद में वह सितंबर में संक्रमण मुक्त हुए. Also Read - Corona Vaccine की मिली बड़ी खुशखबरी, AIIMS निदेशक ने बताया इसी महीने या अगले माह मिल सकती है वैक्‍सीन

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और उपचार क्षेत्र की अन्य पारंपरिक पद्धतियां स्वास्थ्य और बीमारी और कम खर्चे के सर्वांगीण दृष्टिकोण की वजह से प्राथमिक तौर पर बीमारियों की रोकथाम में लाभकारी हैं.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ इन पद्धतियों के पास महामारी के बाद उपजने वाली मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक दिक्कतों का भी समाधान है.’’ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आयुष मंत्रालय की ओर से शुरु किए गए राष्ट्रीय उपचार मूल पत्र में आयुर्वेद को भी शामिल किया गया है.