Ayushman Bharat Digital Mission: पीएम मोदी ने आज नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का शुभारंभ किया है. पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मिशन को लांच किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, बीते सात सालों में देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का जो अभियान चल रहा है, वो आज से एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है. आज एक ऐसे मिशन की शुरुआत हो रही है, जिसमें भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की ताकत है.Also Read - कोरोना से जंग जारी! स्वास्थ्य मंत्री बोले- 'अगले कुछ दिनों में 100 करोड़ डोज का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लेगा भारत'

उन्होंने कहा, मुझे खुशी है कि आज से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन पूरे देश में शुरू किया जा रहा है. ये मिशन देश के गरीब और मध्यम वर्ग के इलाज में होने वाली दिक्कतों को दूर करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा. डिजिटल माध्यम से, आयुष्मान भारत द्वारा देश भर के अस्पतालों से मरीजों को जोड़ने के लिए किए गए कार्यों का और विस्तार किया जा रहा है और उन्हें मजबूत प्रौद्योगिकी मंच दिया जा रहा है. Also Read - Maharashtra News: महाराष्ट्र में कोरोना का कहर जारी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बड़ी बात...

इसके तहत एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, जो डिजिटल स्वास्थ्य इको सिस्टम के अंतर्गत स्वास्थ्य से जुड़े अन्य पोर्टल के परस्पर संचालन को भी सक्षम बनाएगा. यह मिशन आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा. Also Read - केरल और महाराष्ट्र में अब कैसा है कोरोना वायरस का हाल? स्वास्थ्य मंत्री ने बताई ताजा स्थिति

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर व्यक्ति का यूनिक हेल्थ कार्ड बनाएगी. यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल होगा और देखने में आधार कार्ड की तरह ही होगा. आधार कार्ड में आपने देखा होगा कि जिस तरह का नंबर होता है, ठीक उसी तरह इस हेल्थ कार्ड पर एक नंबर होगा, जिसके आधार पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यक्ति की पहचान साबित होगी.

क्या है यूनिक हेल्थ कार्ड, इससे क्या फायदा होगा? 

यूनिक हेल्थ कार्ड आपके और डॉक्टर, दोनों के लिए फायदेमंद होगा. इससे मरीजों को तो डॉक्टर से दिखाने के लिए मेडिकल फाइल ले जाने से छुटकारा मिलेगा ही, साथ ही डॉक्टर भी मरीज का यूनिक हेल्थ आईडी देखकर उसकी बीमारियों का पूरा डेटा निकाल लेंगे और तब उसके आधार पर ही आगे का इलाज शुरू हो सकेगा.

इस यूनिक हेल्थ कार्ड के जरिये पता चल सकेगा कि आयुष्मान भारत के तहत मरीज को इलाज की सुविधाओं का लाभ मिलता है या नहीं. इस हेल्थ कार्ड से ये भी पता चल सकेगा कि मरीज को स्वास्थ्य से संबंधित किन-किन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है.

हेल्थ आईडी के लिए आधार, मोबाइल नंबर जरूरी 

जिस व्यक्ति की हेल्थ आईडी बनेगी, उससे उसका आधार नंबर और मोबाइल नंबर लिया जाएगा. इसी की मदद से यूनिक हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा. इसके लिए सरकार की ओर से एक हेल्थ अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य से संबंधित हर तरह का डेटा जुटाएगी.

ऐसे बनेगी हेल्थ आईडी 

सार्वजनिक अस्पताल, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और नेशनल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर रजिस्ट्री से जुड़े हेल्थकेयर प्रोवाइडर, किसी व्यक्ति का हेल्थ कार्ड बना सकते हैं. आप खुद से भी हेल्थ आईडी बना सकते हैं। इसके लिए आपको https://healthid.ndhm.gov.in/register पर खुद के हेल्थ रिकॉर्ड्स को रजिस्टर कराना होगा.