नई दिल्लीः मोदी सरकार देश में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है. योजना के मुताबिक सरकार जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए निजी सेक्टर को भागीदार बनाएगी. ये निजी कंपनियां जिला अस्पताल परिसर में अपना हॉस्पिटल खोलेंगी जिसमें कैंसर, हार्ट अटैल, डायबिटीज जैसी बीमारियों के इलाज किए जाएंगे. यहां होने वाले इलाज के बदले सरकार उनको भुगतान करेगी. Also Read - मोदी सरकार 2.0 का 1 साल पूरा: गृह मंत्रालय की उपलब्धियों में शामिल है लॉकडाउन, अनुच्छेद 370 समाप्त करना

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दरअसल, देश के करीब 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के अधीन लाने के बाद से इन गंभीर बीमारियों के इलाज की मांग बढ़ गई है. सरकार की सबसे बड़ी थिंक टैंक नीति आयोग ने इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं. इकोनॉमिक टाइम्स अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने बुधवार को इस संबंध में गाइडलाइन्स और मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट का खुलासा किया. इसी में जिला अस्पतालों में निजी कंपनियों को एंट्री देने की बात कही गई है. मौजूदा समय में जिला अस्पताल पूरी तरह से सरकार की ओर से संचालित हैं. Also Read - RBI Bonds scheme: छोटे निवेशकों को झटका, सरकार ने बंद की सुरक्षित निवेश की ये योजना, पूर्व वित्त मंत्री ने कही ये बात

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आयोग के दिशानिर्देश के मुताबिक निजी कंपनियों का चुनाव पारदर्शी व प्रतियोगी बोली प्रक्रिया के तहत की जाएगी. इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि राज्य सरकारें चाहें तो इस गाइडलाइन्स में अपने हिसाब से बदलाव कर सकती हैं. नीति आयोग के इस गाइडलाइन्स में सरकार ने पे-पर-यूज (pay-per-use) मॉडल की बात कही गई है. इसके तहत राज्य सरकारें जिला अस्पतालों में निजी कंपनियों को जगह उपलब्ध कराएंगी. वहां निजी कंपनियां अपने हिसाब से गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए इंस्ट्रूमेंट और डॉक्टर्स की तैनाती करेंगी.

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इसके बाद यहां इलाज कराने वाले मरीज के बदले सरकार इन निजी अस्पतालों को भुगतान करेगी. ये भुगतान पर प्रोसिज्योर या पैकेज के हिसाब से होगा. इसका रेट इन कंपनियों के चुनाव के वक्त प्रतियोगी बोली के आधार पर तय की जाएगी. यानी जो कंपनी किसी खास बीमारी के इलाज के लिए सबसे कम रेट प्रस्तुत करेगी उसे ही उक्त अस्पताल में जगह दी जाएगी. यह समझौता 15 सालों के लिए होगा और इसके बाद इसे रिन्यू कराने और एक कमेटी की सिफारिश के आधार प्रोस्जियोर के रेट बढ़ाए जाएंगे.