नई दिल्ली: मोदी सरकार अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले देशभर में एक बड़ी योजना लाने जा रही है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन नाम की इस योजना में सरकार ने 1350 बीमारियों के लिए एक हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के रेट तय कर दिए हैं. Also Read - Ayushman Bharat Yojna: कोरोना से जंग में प्रभावी है मोदी सरकार की ये योजना, अब तक 3000 से अधिक लोगों का हुआ टेस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वकांक्षी योजना को एक कदम आगे बढ़ाते हुए सरकार ने बुधवार को 205 पेजों का एक मॉडल टेंडर डॉक्युमेंट जारी किया है. ये डॉक्युमेंट राज्यों को ऐसी बीमा कंपनियों का चुनाव करने में मदद करेगा जो दस करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का कवर देंगीं. Also Read - केजरीवाल ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा- ‘आयुष्मान भारत’ से बड़ी है ‘आप’ सरकार की स्वास्थ्य योजना

मोदीकेयर के नाम से मशहूर हो रही इस योजना के ड्राफ्ट में 20 से ज्यादा बीमारियों की रोकथाम जैसे कार्डियोलॉजी, कैंसर केयर, न्यूरोसर्जरी और निओनेटल आदि को कवर किया गया है. इन बीमारियों के लिए कीमत को इलाज के आधार पर तय किया गया है. उदाहरण के लिए ऑर्थोपैडिक इलाज में स्किन ट्रैक्शन के लिए जहां एक हजार रुपए तय किए गए हैं वहीं कार्डियो सर्जरी के दौरान आर्च रिप्लेसमेंट के लिए एक लाख साठ हजार रुपए तय किए गए हैं. Also Read - यूपी: 'आयुष्मान योजना' में बड़ी गड़बड़ी, कैबिनेट मंत्री का नाम लाभार्थियों में हुआ शामिल

आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के सीईओ इंदु भूषण ने कहा कि नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों को छूट होगी कि वो इस डॉक्युमेंट में तय की गई कीमत से 10-15 फीसदी ज्यादा चार्ज कर सकें. इस लिस्ट में बच्चों की सर्जरी के साथ-साथ कैंसर और मानसिक बीमारियों के इलाज के अलग-अलग पैकेज भी शामिल हैं. योजना के तहत दिल्ली के किसी भी प्रतिष्ठित प्राइवेट हॉस्पिटल में एंजियोप्लास्टी की लागत 1.5 से 2 लाख रुपए, सी-सेक्शन की करीब 1.5 लाख रुपए और संपूर्ण घुटना प्रत्यारोपण की लागत करीब 3.5 लाख रुपए ही आएगी.

योजना के तहत बीमा कंपनी ऐसी बीमारियों के लिए पैसा देने के लिए बाध्य नहीं होगी जहां मरीज अस्पताल में भर्ती न हुआ हो, जन्मजात रोग हो, फर्टिलिटी से संबंधित समस्या हो, टीके लगने हो या आत्महत्या का केस हो. आयुष्मान भारत के सीईओ इंदू भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत विभिन्न इलाज की दरें तय करने के लिए सीजीएचएस और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत तय दरों का उपयोग रेफरेंस पॉइंट के तौर पर किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि नई स्कीम के तहत सीजीएचएस के मुकाबले 15.20 प्रतिशत कम दरें तय की गई हैं.’ कम लागत के कारण मरीज जरूरत के मुताबिक ज्यादा-से-ज्यादा जांच और इलाज करवा पाएंगे या इलाज के लिए परिवार के अन्य सदस्यों का भी पंजीकरण करवा सकेंगे. अस्पतालों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 15 जून से शुरू हो सकता है.