
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तेजी से जनता तक पहुंच रही है. सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार इलाज कराने के लिए परेशान न हो. इसी के तहत प्रदेश में बड़े पैमाने पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में योजना के तहत 9 करोड़ लक्षित लाभार्थियों में से अब तक 5 करोड़ 42 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
बता दें आयुष्मान भारत योजना को भारत सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना माना जाता है. इसके तहत योग्य परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलता है. यह सुविधा सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध है. ऑपरेशन, गंभीर बीमारी, भर्ती, जांच – सब कुछ इस कार्ड के जरिए कवर किया जाता है. यही वजह है कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
यूपी में आयुष्मान योजना के तहत अब तक 74.4 लाख से ज्यादा मरीजों का इलाज कराया जा चुका है. इसके लिए सरकार ने 12,283 करोड़ रुपये से अधिक का क्लेम सेटल किया है. इसका सीधा फायदा उन परिवारों को मिला है, जिन्हें पहले इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या अपनी जमीन और गहने बेचने पड़ते थे. अब गंभीर बीमारियों का इलाज भी बिना आर्थिक बोझ के संभव हो पा रहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि आयुष्मान कार्ड बनाने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी वजह से अब कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त, सरल और तेज कर दी गई है. लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं. गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले कैंप लगाकर कार्ड बनाए जा रहे हैं, ताकि अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंच सके. सरकार का फोकस है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सिर्फ जानकारी के अभाव में योजना से वंचित न रह जाए.
इसी कड़ी में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक उच्चस्तरीय बैठक भी की. गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ उन्होंने मकर संक्रांति पर लगने वाले विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेला, गोरखपुर महोत्सव और जिले में चल रहे विकास कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में साफ संदेश दिया गया कि जनकल्याण योजनाएं, खासकर आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं, पूरी ईमानदारी और तेजी से लागू हों. कुल मिलाकर, योगी सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सुरक्षा हर गरीब तक पहुंचे और किसी को इलाज के लिए मजबूर न होना पड़े.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.