आजम खान को अब किस मामले में हुई 7 साल की सजा? बेटे अब्दुल्ला पर भी कसा शिकंजा

Written By: Md. Raja Alam Updated by: Md. Raja Alam
Updated Date:November 17, 2025 3:30 PM IST

Azam Khan Case: आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. अदालत के हालिया फैसले ने दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. यह फैसला राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है.

Azam Khan Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराया गया है. रामपुर की विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए दोनों को सात सात साल की सजा सुनाई. आजम खान हाल ही में जेल से जमानत पर रिहा हुए थे लेकिन यह नया फैसला उनकी मुश्किलें बढ़ा देगा. कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया. बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने इसे न्याय की जीत बताया. यह मामला 2019 का है जब आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला पर दो पैन कार्ड रखने का आरोप लगाया था. आजम खान को आपराधिक साजिश का सह आरोपी बनाया गया.

क्या है पूरा मामला

अब्दुल्ला आजम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर ट्रायल को रद्द करने की मांग की थी. पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा. जुलाई में याचिका खारिज हो गई. अब्दुल्ला ने कहा कि मामला पहले ही साबित हो चुका है. हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट पर भरोसा करने की सलाह दी. इस महीने की शुरुआत में अब्दुल्ला को पासपोर्ट मामले में भी झटका लगा. सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट हासिल करने की एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया. जस्टिस सुंदरेश ने कहा कि ट्रायल पूरा होने दो. हम अब दखल नहीं दे सकते.

पासपोर्ट फर्जीवाड़े में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

अब्दुल्ला ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इंकार किया. कोर्ट ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल गंभीर अपराध है. यह मामला जन्म प्रमाण पत्र से जुड़ा है जो पासपोर्ट के लिए इस्तेमाल हुआ. अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने पैन कार्ड से जुड़े जन्म प्रमाण पत्र मामले में भी एफआईआर रद्द करने से मना कर दिया. आजम परिवार पर कई मुकदमे चल रहे हैं. बीजेपी सत्ता आने के बाद 81 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं.

एक मामले में आजम खान को राहत

पिछले हफ्ते आजम खान को एक अन्य मामले में राहत मिली. 2019 लोकसभा चुनाव में एसडीएम पीपी तिवारी ने भड़काऊ भाषण का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी. कोर्ट ने आजम को बरी कर दिया. यह मामला विचाराधीन था. आजम परिवार की कानूनी लड़ाई जारी है. सपा नेता इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं. रामपुर में समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं.

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