बेंगलुरु: बगावत का संकेत देते हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कहा है कि बी एस येदियुरप्पा लंबे समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और आलाकमान ने फैसला किया है कि उनका उत्तराधिकारी उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र से होगा. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री केवल अपने गृह जिले शिवमोगा के विकास कार्यों में रुचि दिखाते हैं जबकि अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों को आवंटित कोष को वापस ले रहे हैं. Also Read - Hyderabad Nikay Chunav 2020: रुझानों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, ओवैसी और टीआरएस धराशायी

यतनाल ने कहा,‘‘(निर्वाचन क्षेत्र के लिए) 125 करोड़ रुपये आये थे लेकिन हमारे मुख्यमंत्री ने इसे वापस ले लिया, जिसके बाद मेरे और उनके बीच लड़ाई शुरू हो गयी. वह सारी चीजें शिवमोगा ले जा रहे हैं…वह लंबे समय तक (मुख्यमंत्री) नहीं रहेंगे…उनका समय आ गया है.’’ Also Read - GHMC Election Result 2020 Updates: हैदाराबाद नगर निकाय चुनाव के परिणाम आज, इन पार्टियों के बीच है मुख्य मुकाबला...

अपने निर्वाचन क्षेत्र विजयपुरा में एक कार्यक्रम में सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए यतनाल ने दावा किया कि भाजपा आलाकमान के पास येदियुरप्पा के कई विकल्प हैं . उन्होंने कहा, ‘‘उमेश कट्टी (भाजपा विधायक) ने भी सवाल किया था कि वह (येदियुरप्पा) शिवमोगा के लिए मुख्यमंत्री हैं या समूचे कर्नाटक के लिए. अगर 125 करोड़ रुपये मुझसे वापस नहीं लिये जाते तो हमने सारी सड़कें सीमेंट की बनाने की योजना बनायी थी. लेकिन रकम वापस ले ली गयी, लेकिन मैं इसे नहीं छोडूंगा, मैं इसके लिए लड़ रहा हूं और रकम वापस लेकर आऊंगा. ’’ Also Read - Dhule-Nandurbar Local Body by-elections Result: धुले-नंदुरबार निकाय उपचुनाव में भाजपा की शानदार जीत, महाविकास आघाडी की बुरी हार

येदियुरप्पा की उम्र को देखते हुए नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर हालिया समय में कुछ हलकों में अटकलें लगायी जा रही हैं. हालांकि ,प्रदेश भाजपा ने येदियुरप्पा को हटाने संबंधी खबरों को खारिज किया है. यतनाल ने कहा कि उत्तरी कर्नाटक के लोगों के समर्थन के कारण भाजपा सरकार बना सकी. उन्होंने कहा, ‘‘क्या मांड्या, चामराजनगर और कोलार जैसे दक्षिणी जिलों में उन्हें किसी ने वोट दिया. उत्तरी कर्नाटक में पार्टी को ज्यादा संख्या में सीटें मिली.’’

उन्होंने कहा, ‘‘(भाजपा में) 95 प्रतिशत विधायक (उत्तरी कर्नाटक से) होंगे. इसलिए शीर्ष स्तर पर (भाजपा आलाकमान) को यह समझना चाहिए. हमारे प्रधानमंत्री के मन में विचार आया है कि (येदियुरप्पा के बाद) उनकी जगह लेने वाले उत्तरी कर्नाटक से होने चाहिए. उन्होंने कहा है कि येदियुरप्पा के बाद मुख्यमंत्री उत्तरी कर्नाटक से होंगे. इस पर फैसला लगभग हो चुका है. ’’ संवाददाताओं ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से जब यतनाल की नाराजगी के बारे में सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे बात करूंगा.’’

यतनाल के दावों को खारिज करते हुए प्रदेश भाजपा प्रमुख नलिन कुमार कतील ने कहा कि हमारी पार्टी के नेतृत्व या मुख्यमंत्री बदलने का सवाल ही नहीं है . उन्होंने कहा, ‘‘अगले तीन साल तक येदियुरप्पा ही हमारे मुख्यमंत्री रहेंगे.’’

यतनाल पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक एम पी रेणुकाचार्य ने कहा कि उत्तरी कर्नाटक समेत सभी क्षेत्र के विधायक येदियुरप्पा के साथ हैं . उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद खाली नहीं है. राज्य के सभी क्षेत्रों में समर्थन के कारण पार्टी सत्ता में है. हम उत्तरी कर्नाटक के विकास के लिए समर्पित हैं. नेतृत्व का फैसला आलाकमान करता है और येदियुरप्पा अच्छा काम कर रहे हैं.’’

(इनपुट भाषा)