लखनऊ: पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, भाजपा नेता डॉ.एम.एम. जोशी और राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मंगलवार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश होंगे. सीबीआई की विशेष अदालत 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की सुनवाई कर रही है. Also Read - PV Narasimha Rao Birth Anniversary: फोन कॉल ने सोनिया गांधी और नरसिम्हा राव में बढ़ाई दूरी, जानें प्रधानमंत्री बनने से निधन तक की कहानी

सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को इन आरोपियों द्वारा दिए गए पतों से वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था करने के लिए भारत सरकार की संस्था नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के निदेशक को एक निर्देश भेजा, ताकि सीआरपीसी की धारा 313 के तहत उनके बयान दर्ज किए जा सकें. Also Read - PM Narendra Modi आज और कल मुख्यमंत्रियों संग करेंगे बैठक, कोरोना संक्रमण पर होगी चर्चा

सभी आरोपियों को अभियोजन एजेंसी सीबीआई द्वारा जुटाए गए साक्ष्य के आधार पर कम से कम 1,000 सवालों के जवाब देने होंगे. सीबीआई के वकील ललित सिंह ने कहा, “विशेष अदालत ने आरोपियों को सुनवाई के दौरान दिए गए तथ्यों और सबूतों के बारे में सूचित किया और उन्हें अपना बयान देने का निर्देश दिया.” Also Read - बाबरी विध्वंस मामला: आडवाणी, जोशी व उमा भारती को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा

सिंह ने कहा कि 13 अभियुक्त ों को अब तक पेश किया जा चुका है. आडवाणी 30 जून को, जोशी 1 जुलाई को, सिंह 2 जुलाई को, महंत नृत्य गोपाल दास 23 जून को पेश होंगे. वहीं 22 जून को आर. एन. श्रीवास्तव, 24 जून को जय भगवान दास, 25 जून को अमर नाथ गोयल, 26 जून को सुधीर कक्कड़ और 29 जून को आचार्य धर्मेंद्र देव पेश होंगे.