नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के मस्जिद वापसी वाले बयान पर पलटवार करते हुए बड़ा हमला बोला है. बाबुल सुप्रियो ने कहा कि वह दूसरे जाकिर नाईक बन रहे हैं और उन पर कानूनी तौर पर लगाम लगाना चाहिए. उन्होंने कहा भारत में ऐसे कानून हैं जो कि इस तरह की भाषा पर रोक लगा सकते हैं.

दरअसल 9 नवंबर को राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्विटर पर लिखा था कि मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए, बस इसी बात को लेकर केंद्र सरकार में मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ओवैसी पर कड़ा हमला बोला है. सुप्रियो ने कहा कि वह जाकिर नाईक की भाषा बोल रहे हैं इससे प्रतीत होता है कि वह दूसरे जाकिर नाईक बनने का प्रयास कर रहे हैं.


बता दें कि जाकिर नाईक एक विवादित इस्लामिक उपदेशक है. वह भारत का भगोड़ा है. साल 2016 में ढाका के होली आर्टिसान बेकरी में हुए बम विस्फोट के मामले में नाम आने के बाद से नाईक भारत में आतंकवाद जैसे गंभीर आरोपों में वांछित है. जाकिर नाईक 2017 में भारत से भाग गया था और इसके बाद से ही वह मलेशिया में रह रहा है. जाकिर नाईक ने एक विवादित पीस टीवी चैनल भी शुरू किया था.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ओवैसी ने कहा था कि कोर्ट का यह फैसला कानून पर आस्था की जीत है. हमें अपनी मस्जिद वापस चाहिए. ओवैसी ने ट्विट किया कि मुस्लिम पक्षकार इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और जो मुस्लिम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं उन्हें मोदी ने अपने कंट्रोल में कर रखा है. ओवैसी ने पूछा कि अगर मस्जिद तोड़ी नहीं गई होती तो क्या तब भी कोर्ट यही फैसला सुनाता.

9 नवंबर को दिए गए ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन मंदिर निर्माण के लिए रामलला को दी जाएगी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पीठ ने सरकार को इसके लिए ट्रस्ट स्थापित करने के लिए तीन महीने का समय दिया.