कोलकाता: बांग्ला अभिनेत्री से राजनेता बनी सुभद्रा मुखर्जी ने दिल्ली हिंसा के बाद भाजपा से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि वह उस पार्टी में नहीं रह सकती, जिसमें कपिल मिश्रा व अनुराग ठाकुर जैसे नेता हैं. सुभद्रा मुखर्जी ने कुछ बांग्ला फिल्मों व टेलीविजन धारावाहिकों में काम किया है. सुभद्रा मुखर्जी ने शुक्रवार को ही भाजपा छोड़ दी थी. यह बात रविवार को सामने आई. उन्होंने पार्टी के राज्य प्रमुख दिलीप घोष को अपना इस्तीफा भेजा था. Also Read - धरना दे रहे BJP नेता हिरासत में, दिल्ली सरकार से मांग रहे थे विज्ञापनों का हिसाब

सुभद्रा मुखर्जी ने कहा कि वह बहुत उम्मीद के साथ भाजपा में शामिल हुई थीं, लेकिन हाल के घटनाक्रमों से उन्हें निराशा हुई, जो दिखाता है कि भाजपा अपनी विचारधारा से दूर जा रही है. उन्होंने कहा कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के साथ थीं, जिसे नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद में पारित किया, लेकिन वह इसे बढ़ावा देने के भाजपा के तरीके को लेकर वह अब विरोध में हैं. Also Read - केजरीवाल सरकार के खिलाफ BJP का धरना, दिल्ली सरकार से मांगा विज्ञापनों पर खर्च का हिसाब

उन्होंने कहा, “इसने पूरे देश में अशांति पैदा की है. हम सबको इतने सालों बाद स्वतंत्र भारत में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अपने दस्तावेज क्यों दिखाने चाहिए.” सुभद्रा मुखर्जी ने कहा कि दिल्ली हिंसा ने आखिकार मुझे मजबूर किया कि वह पार्टी के साथ बनी नहीं रह सकतीं. Also Read - क्या 2024 में BJP जीत की हैट्रिक लगाएगी, इस सवाल पर जेपी नड्डा ने कही ये बात

दिल्ली हिंसा में अब तक 43 लोगों की मौत हुई है और 200 से ज्यादा लोग घायल हैं. इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है. अभिनेत्री ने कहा, “माहौल नफरत से भरा है. अनुराग ठाकुर और कपिल मिश्रा जैसे पार्टी नेताओं के खिलाफ उनके नफरत भरे भाषणों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. मैं ऐसी पार्टी में कैसे रह सकती हूं, जो कार्रवाई चुनकर करे?

(इनपुट आईएएनएस)