Bangladesh Political Crisis 12 Bangladeshi Arrested In Tripura For Illegally Entering India
बंगाल के बाद अब त्रिपुरा में 12 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, सीमा पर लगातार हो रही घुसपैठ की कोशिश
Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं. बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं. जिसके चलते सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं.
India Bangladesh Infiltration: पश्चिमी त्रिपुरा जिले में शनिवार से अब तक दो स्थानों से कुल 12 बांग्लादेशी नागरिकों और उनके एक भारतीय मददगार को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को पश्चिमी त्रिपुरा जिले के बामुतिया क्षेत्र से सात बांग्लादेशी नागरिकों को उनके भारतीय सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया गया.
लेफुंगा थाने के प्रभारी अधिकारी सहदेव दास ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस की एक टीम ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास बेरीमुरा इलाके से सात विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया. उन्होंने बताया कि वे भारत यात्रा के लिए वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद सभी सातों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.
एक भारतीय ऑटो चालक भी गिरफ्तार
दास ने कहा, ‘हमने बांग्लादेशी नागरिकों की मदद करने के आरोप में एक भारतीय ऑटो चालक जीबान बैश को भी गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.’ शनिवार को एक अन्य घटना में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अगरतला के बाहरी इलाके लंकामुरा से पांच बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया.
बीएसएफ जवानों ने देखे थे संदिग्ध व्यक्ति
पश्चिम अगरतला थाने के प्रभारी अधिकारी परितोष दास ने रविवार को कहा, ‘सीमा पर गश्त के दौरान बीएसएफ जवानों ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां देखीं और बिना पासपोर्ट के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के आरोप में उन्हें हिरासत में ले लिया.’
बांग्लादेशी लगातार कर रहे घुसपैठ की कोशिश
दास ने कहा, ‘बाद में सभी बांग्लादेशी नागरिकों को हमारे हवाले कर दिया गया. उन्हें भारतीय पासपोर्ट अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.’ इससे पहले पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों को घुसपैठ करते हुए गिरफ्तार किया गया था.
Add India.com as a Preferred Source
प्रदर्शन के बाद गिरी थी हसीना सरकार
बांग्लादेश में अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया था और बांग्लादेश छोड़कर चली गई थीं. उसके बाद मुहम्मद यूनुस (84) को आठ अगस्त को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था. उनका पद प्रधानमंत्री पद के समान है.
क्या कहना है बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी अंतरिम सरकार को महत्वपूर्ण सुधारों और चुनाव के लिए उचित समय देने को तैयार है, लेकिन यह अनिश्चितकालीन नहीं होगा.
‘डेली स्टार’ अखबार ने फखरुल के हवाले से कहा, ‘जब यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश को स्थिरता की ओर ले जा रही है और जब देश बदल रहा है, तो भारत में बैठीं शेख हसीना देश के खिलाफ गहरी साजिश रच रही हैं। वह सफल नहीं होगी.’
उन्होंने कहा, ‘हमें अतीत की बुरी यादों को मिटाना होगा और एक सच्चे लोकतांत्रिक बांग्लादेश का निर्माण करना होगा.’ उन्होंने बीएनपी की सिलहट जिला और शहर इकाइयों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘हम अंतरिम सरकार को आवश्यक सुधारों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय देने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह समय अनिश्चितकालीन नहीं होगा.’
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.