ढाका. बांग्लादेश में रविवार को हुए आम चुनावों में प्रधानमंत्री शेख हसीना जबर्दस्त जीत की तरफ अग्रसर हैं. उनकी पार्टी 300 सदस्यीय सदन में सोमवार तड़के चार बजे तक 298 सीटों के नतीजे जारी किए. इनमें 259 सीटों पर हसीना की पार्टी आवामी लीग ने जीत का परचम लहराया है. वहीं, इस चुनाव में आवामी लीग की मुख्य सहयोगी जातीय पार्टी ने 20 सीटें जीती हैं. चुनाव से जुड़ी हिंसा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई जबकि विपक्ष ने धांधली के आरोप लगाते हुए फिर से चुनाव कराने की मांग की है.

बीडी न्यूज डॉट 24 के मुताबिक, सोमवार तड़के चार बजे तक 298 सीटों के नतीजे जारी किए, जिनमें 259 सीटों पर हसीना की पार्टी आवामी लीग ने जीत का परचम लहराया है. मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को महज दो सीट हासिल हुई है. चुनाव आयोग ने अभी तक केवल एक सीट गोपालगंज के परिणाम की पुष्टि की है जहां से हसीना को 2,29,539 वोट मिले हैं जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी बीएनपी के उम्मीदवार को महज 123 वोट मिले. हार को देखते हुए बांग्लादेश के मुख्य विपक्षी एनयूएफ गठबंधन ने आम चुनावों के परिणाम को खारिज कर दिया है और निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के अधीन फिर से चुनाव कराने की मांग की है. एनयूएफ में मुख्य दल बीएनपी है.

299 सीटों पर हुआ चुनाव
चुनाव आयोग के मुताबिक 300 संसदीय सीटों में से 299 सीटों पर चुनाव हुआ है. इसके लिए 1,848 उम्मीदवार मैदान में हैं. चुनाव के लिए 40,183 मतदान केन्द्र बनाए गए. एक उम्मीदवार के निधन के कारण एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ. हसीना चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रही हैं जबकि ढाका जेल में बंद उनकी चिर प्रतिद्वंद्वी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा जिया का भविष्य अधर में लटका नजर आता है. सूचनाओं के मुताबिक, जिया आंशिक रूप से लकवाग्रस्त हैं.

17 लोगों के मारे जाने की खबर
मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहा. चुनाव आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि आठ घंटे तक चली मतदान प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह तक गैर आधिकारिक परिणाम आने की उम्मीद है. चुनाव अधिकारियों ने बताया कि देश भर से उम्मीदवारों से सैकड़ों शिकायतें मिली. ‘डेली स्टार’ अखबार के मुताबिक, चुनाव से जुड़ी हिंसा में एक सुरक्षा बल सहित कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की खबर है. दर्जनों लोगों के घायल होने की भी सूचना है.

हसीना ने ये कहा
वोट डालने के बाद हसीना ने कहा, मुझे हमेशा चुनाव में हमारी जीत का यकीन रहता है…मुझे अपने लोगों पर यकीन है और मुझे पता है कि वे हमें चुनेंगे ताकि उन्हें बेहतर भविष्य मिल सके. बांग्लादेश में सभी स्कूलों और कॉलेजों को रविवार के लिए मतदान केन्द्र बनाया गया. लोग सुबह आठ बजे मतदान शुरू होने से पहले ही केन्द्रों पर कतार में लग गए थे. कम से कम 10 उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट को मतदान केंद्र से बाहर कर दिया गया. इनमें अधिकतर उम्मीदवार बीएनपी के हैं.

बीएनपी ने ये कहा
बीएनपी के रुहुल कबीर रिजवी ने आरोप लगाया कि देश के मतदान केन्द्रों पर कब्जा किया गया और उनकी पार्टी के एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया. रिजवी ने पार्टी कार्यालय में कहा, हमें जैसा कि पता चला है, यह हिंसा वाला चुनाव है. हमें सरकार के इशारे पर एकतरफा चुनावी माहौल देखने को मिल रहा है. बीएनपी के महासचिव मिर्जा फकरूल इस्लाम आलमगीर ने कहा उनकी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों का मतदान से दूर रहने का फैसला ‘‘निजी’’ है लेकिन मतदान खत्म होने के बाद हम शाम चार बजे अपना रुख स्पष्ट करेंगे. हालांकि, मतदान खत्म होने के बाद भी कोई घोषणा नहीं की गयी.