नई दिल्‍ली: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी ने गुरुवार को उनकी अस्‍थ‍ियों का विसर्जन किया. उन्‍होंने हापुड़ में गंगा में अपने पिता के साथ एक नाव में सवार होकर मां की अस्‍थियों का विसर्जन किया. इस दौरान पिता कौशल स्वराज भी बांसुरी के साथ थे. एक दिन पहले बुधवार को बेटी बांसुरी ने नम आंखों से अपनी मां को मुखाग्नि दी थी.

अंतिम संस्कार के दौरान, परंपरा के अनुसार बांसुरी ने कंधे पर मटका रखकर मां की चिता के परिक्रमा किए और जमीन पर गिरा कर मटका तोड़ने की रश्‍म निभाई थी. परिक्रमा के दौरान बांसुरी के साथ उनके पिता भी थे.

प्रधानमंत्री को बांसुरी और कौशल स्वराज को दिलासा देते रहे थे. बांसुरी पेशे से वकील हैं और वह ऑक्सफोर्ड से स्नातक हैं. वह और उनके पिता दोनों सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते हैं.

सुषमा स्वराज के पति कौशल स्वराज और बेटी ने डीडीयू मार्ग पर भाजपा के कार्यालय में तिरंगे में लिपटे उनकी पार्थिव देह को सैल्‍यूट किया था. इसके बाद लोधी रोड शमशान घाट के लिए उनकी अंतिम यात्रा शुरू हो गई थी. पूर्व विदेश मंत्री की पार्थिव देह को भाजपा मुख्यालय में कुछ घंटों के लिए रखा गया था, जहां लोगों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी.

शमशान घाट पर सुषमा स्वराज की पार्थिव देह को एक स्थल पर रखा गया जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अन्य वरिष्ठ नेताओं और अन्य लोगों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी थी.

लोधी रोड शमशामन घाट पर जब सुषमा स्वराज का पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, तब वहां माहौल काफी गमगीन था. विद्युत शवदागृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया था. (इनपुट- एजेंसी)