
Anjali Karmakar
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास कॉम में मास्टर्स डिग्री. 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ... और पढ़ें
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मौजूदा टोल टैक्स सिस्टम को लेकर बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं. उन्होंने लोकसभा में गुरुवार को बताया कि अगले एक साल में हाईवे पर मौजूदा टोल वसूली सिस्टम खत्म हो जाएगा. उसकी जगह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक, बैरियर लेस टोल सिस्टम लागू किया जाएगा.नए सिस्टम की शुरुआत फिलहाल 10 जगह की जा चुकी है और इसे एक साल के भीतर पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य है.
गडकरी के इस बयान को लेकर लोगों के दिमाग में कई तरह के सवाल चल रहे हैं. आइए जानते हैं बैरियर फ्री टोल सिस्टम क्या है? ये कैसे काम करेगा? टोल टैक्स कटने का नया सिस्टम आने से फास्टैग के एनुअल पास का क्या होगा?
क्या है सरकार का प्लान?
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम बनाया है. ये पूरे देश के लिए एक जैसा और आपस में जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लेटफॉर्म है. इसका मकसद अलग-अलग हाईवे पर अलग सिस्टम की परेशानी खत्म करना है. साथ ही एक ही टेक्नोलॉजी से आसानी से टोल वसूली करना है.
क्या होता है बैरियर फ्री टोल?
बैरियर फ्री टोल बूथ का मतलब ऐसे टोल से है, जहां कोई बैरियर या गेट न हो. जहां गाड़ियों को टोल टैक्स देने के लिए लाइन में न लगना पड़े. बिना रुके हुए ही टोल टैक्स कट जाता है.
ये कैसे काम करता है?
इस सिस्टम में कैमरा गाड़ियों का नंबर प्लेट पढ़ लेता है. फिर आपके FASTag/UPI ऐप से टोल अपने आप कट जाता है. इसमें गाड़ियों को कतार में लगने की जरूरत नहीं होती. इससे फ्यूल की बचत होती है. आपका टाइम बचता है. पॉल्यूशन भी कम होता है.
FASTag का क्या रोल?
इस NETC सिस्टम का मुख्य हिस्सा FASTag ही है. ये रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी वाला टैग होता है. इसे गाड़ी के सामने वाले शीशे (विंडस्क्रीन) पर चिपकाया जाता है. फिर जैसे ही गाड़ी टोल लेन से गुजरती है, सेंसर इस टैग को रीड कर लेता है. इसके बाद यूजर के लिंक्ड बैंक अकाउंट से या वॉलेट से पैसा कट जाता है.
नया सिस्टम आने से फास्टैग एनुअल पास का क्या होगा?
आपका फास्टैग का एनुअल पास पहले की तरह चलता रहेगा. इससे आपको बार-बार रिचार्ज नहीं करना पड़ेगा. हालांकि, नए सिस्टम से आप और ज्यादा फ्यूल और टाइम की सेविंग कर सकेंगे.
फास्टैग न हो तो?
पुराने नियम के अनुसार, अगर किसी गाड़ी में फास्टैग नहीं होता था या वह वैलिड नहीं होता था, तो नॉर्मल टोल फीस का दो गुना (2X) कैश में पेमेंट करना पड़ता था. ये एक बड़ी पेनल्टी मानी जाती थी. अब बिना फास्टैग या बंद पड़े फास्टैग वाली गाड़ियां टोल फीस का 1.25 गुना पेमेंट UPI के जरिए कर सकेंगे.यानी UPI से पेमेंट करने पर अब डबल टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा.
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