पटना: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की जमकर प्रशंसा करते हुये उन्हें सच्चा देशभक्त बताया. दरअसल, धोनी के विकेट कीपिंग दस्ताने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसपर एक ‘लोगो’ है जो सशस्त्र बल के एक प्रतीक चिह्न जैसा है. भाजपा नेता ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘धोनी सिर्फ एक क्रिकेटर ही नहीं हैं. वह एक सच्चे राष्ट्रभक्त हैं. वह अन्य हस्तियों की तरह नहीं हैं, जिनका देश के प्रति प्रेम नहीं है. वह एक देशभक्त हैं और अपने देश के गौरव के लिए प्रतिबद्ध हैं.’’ Also Read - RR vs MI: राजस्‍थान की जीत के साथ IPL इतिहास में पहली बार प्‍लेऑफ से बाहर हुई चेन्‍नई

Also Read - IPL 2020 RCB vs CSK: चेन्नई सुपरकिंग्स को मिली 8 विकेट से जीत के 5 कारणों में रुतुराज गायकवाड़ रहे टॉप पर

गौरतलब है कि भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मैच के दौरान धोनी के दस्तानों पर कृपाण वाला चिह्न बना हुआ था, जो कि सेना के प्रतीक चिह्न जैसा लग रहा था. आईसीसी ने कड़ा रवैया अपनाते हुए महेंद्र सिंह धोनी को विश्व कप के दौरान कृपाण चिह्न वाले विकेटकीपिंग दस्ताने पहनने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जबकि बीसीसीआई ने दावा किया था कि यह सेना का प्रतीक चिह्न नहीं है. धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजिमेंट के मानद लेफ्टिनेंट हैं और यह कृपाण का यह चिह्न उसके प्रतीक चिह्न का हिस्सा है. Also Read - RCB vs CSK: कौन हैं रांची के मोनू कुमार जिन्‍हें आज धोनी ने दिया प्‍लेइंग-XI में मौका ?

बता दें कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को महेंद्र सिंह धोनी बलिदान बैज वाले ग्लव्स (Balidaan Badge) मामले में आईसीसी ने झटका दिया है. आईसीसी (ICC) ने एमएस धोनी को बलिदान बैज वाले निशान के ग्लव्स को पहनकर विकेटकीपिंग करने की अनुमति नहीं दी है. इसका मतलब ये है कि धोनी ने ग्लव्स नहीं पहन पाएंगे. एमएस धोनी (MS Dhoni) ने आईसीसी वर्ल्ड कप (ICC World Cup) के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह ग्लव्स पहनकर उतरे थे. आईसीसी ने इसे आपत्तिजनक माना था. आईसीसी ने कहा था कि धोनी को इस निशान वाले ग्लव्स नहीं पहनने चाहिए. इस पर भारतीय खेल जगत के साथ ही राजनैतिक लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

BCCI को ICC ने दिया बड़ा झटका, महेंद्र सिंह धोनी नहीं पहन पाएंगे बलिदान बैज वाले ग्लव्स

बढ़ते विवाद और बहस के बीच बीसीसीआई ने आईसीसी से मांग की थी कि धोनी को उसी ग्लव्स के साथ कीपिंग करने की अनुमति दी जाए, जो वे पहनना चाहते हैं, लेकिन आईसीसी ने बीसीसीआई की मांग को ठुकरा दिया और कहा कि ये नियमों के विरुद्ध है. बता दें कि भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरुआती मैच के दौरान धोनी के दस्तानों पर कृपाण वाला चिन्ह बना हुआ था जो कि सेना के प्रतीक चिन्ह जैसा लग रहा था. ‘‘बीसीसीआई पहले ही मंजूरी के लिये आईसीसी को औपचारिक अनुरोध कर चुका है. आईसीसी के नियमों के अनुसार खिलाड़ी कोई व्यावसायिक, धार्मिक या सेना का लोगो नहीं लगा सकता है. हम सभी जानते हैं कि इस मामले में व्यावसायिक या धार्मिक जैसा कोई मामला नहीं है.’’

दरअसल, धोनी के इस ग्लव्स की भारतीय क्रिकेटप्रेमियों ने सोशल मीडिया पर काफी तारीफ की थी. मैच के बाद ग्लव्स के साथ धोनी की तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो गई थी. इस पूरे मामले में नियमों का हवाला दिया गया था जो खिलाड़ियों को ‘‘राजनीतिक, धार्मिक या जातीय गतिविधियों या किसी उद्देश्य के लिये संदेश का प्रदर्शन करने से रोकते हैं.’’ धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजिमेंट के मानद लेफ्टिनेंट हैं और यह चिन्ह उनके प्रतीक चिन्ह का हिस्सा है.