नई दिल्ली: देशभर में नागरिकता बिल (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर BCCI के अध्यक्ष सौरव गांगुली (sourav ganguly) ने शांति की अपील की है. नागरिकता बिल को लेकर देश भर में हो रहे विरोध से देश का माहौल गर्माया हुआ है. गांगुली ने पहले तो इस विवादित बिल पर बयान देने से मना कर दिया था. लेकिन बाद में उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. बीते दिनों उनकी बेटी ने नागरिकता बिल के विरोध में एक स्टेटस शेयर किया था. इसपर गांगुली ने बयान दिया था कि उनकी बेटी को इन सबसे दूर रखा जाए क्योंकि वह अभी बच्ची है.

पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि मेरा संदेश सिर्फ शांति बनाए रखने को लेकर है. मैं किसी भी राजनीतिक ममले पर नहीं जाऊंगा क्योंकि मैंने इस बिल को अभी तक पढ़ा नहीं है. बगैर बिल को पढ़े टिप्पणी करना मुझे उचित नहीं लगता. गांगुली ने कहा सभी लोग शांति और सद्भाव बनाए रखें. मेरे लिए सभी की खुशिया मायने रखती हैं.

गौरतलब है कि बीते दिनों गांगुली की बेटी सना ने खुशवंत सिंह की किताब ‘द एंड ऑफ इंडिया’ के एक अंश को पोस्ट किया जिसमें फासीवादी शासन की बात कही गई थी. पोस्ट के वायरल होने के बाद गांगुल ने तुरंत इस मामले पर ट्वीच किया और लिखा- “कृपया सना को इन सभी मुद्दों दूर रखें. यह पोस्ट सही नहीं है. वह बहुत छोटी है और उसे राजनीति का ज्ञान नहीं है.

बता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब देश में नागरिकता कानून को लेकर विवाद हो रहा है. पहले भी कई बार नागरिकता बिल पर परीक्षण किया जा चुका है. नागरिकता कानून को लेकर सरकार का कहना है कि इससे अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने में आसानी मिलेगी. वहीं आलोचकों का इस कानून को लेकर कहना है कि यह बिल मुस्लिम विरोध है. यह बिल संविधान के खिलाफ है तथा धर्म के आधार पर भेदभाव करता है.