अमृतसर: पंजाब में अमृतसर के पास अटारी-वाघा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भारतीय हिस्से में मंगलवार को गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किया गया. अधिकारियों ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण दर्शकों की गैरमौजूदगी में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ. देश के 72वें गणतंत्र दिवस पर भारत-पाक सीमा पर ध्वजारोहण किया गया.Also Read - Red Wine: कोरोना से बचाव में रेड वाइन से मिलती है मदद? जानें नई रिसर्च में क्या आया सामने...

इसके अलावा पवित्र शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर संयुक्त चेक पोस्ट पर औपचारिक समारोह के दौरान बीटिंग र्रिटीट सेरेमनी भी आयोजित हुई. दर्शकों की मौजूदगी के बिना समारोह में वह रौनक नहीं दिखी, जो हर बार देखने को मिलती है. हालांकि भारतीय जवानों का जोश देखने लायक था. Also Read - उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

कोरोना महामारी और पाकिस्तान के साथ व्याप्त तनाव के बीच गणतंत्र दिवस पर इस बार पाकिस्तान के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं हुआ. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पाकिस्तान रेंजर्स सामान्य तौर पर आपस में मिठाइयां साझा करते हैं. इस बार दर्शकों की गैरमौजूदगी के अलावा यह परंपरा भी अधूरी रही. Also Read - Coronavirus Cases in India: एक दिन में 3.33 लाख लोग हुए संक्रमित, 525 लोगों की हुई मौत

मार्च 2020 में बीएसएफ ने भारत भर के उन आगंतुकों के प्रवेश को रोक दिया था, जो विख्यात बीटिंग र्रिटीट सेरेमनी का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं. इस सेरेमनी के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के जवान पूरे जोश में दिखते हैं और वह एक दूसरे से नजरें मिलाकर अपने पैर जमीन पर जोर से मारते हुए दिखाई देते हैं. इस खास समारोह को देखने के लिए लोग काफी उत्साहित रहते हैं.

पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर केवल संयुक्त परेड आयोजित की गई थी. हालांकि दोनों सेनाओं की ओर से प्रतिदिन झंडोत्तोलन और झंडों को झुकाने का काम पहले की तरह आयोजित किया जा रहा है.