बेंगलूरू: मुख्यमंत्री बनने जा रहे जदएस नेता कुमारस्वामी ने रविवार को इन खबरों को खारिज किया कि उनकी पार्टी अपनी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के साथ 30-30 महीने के लिए सत्ता साझा करने के फॉर्मूले पर काम कर रही है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, इस तरह की कोई बात नहीं हुई है. कुमारस्वामी से कांग्रेस के साथ 30-30 महीने के लिए सत्ता साझा करने के फॉर्मूले से संबंधित खबरों के बारे में पूछा गया. ऐसी खबरें थीं कि दोनों दल बारी – बारी से सरकार का नेतृत्व करने के फॉर्मूले पर बात कर रहे हैं. Also Read - COVID-19: पूर्व PM एचडी देवेगौड़ा और उनकी पत्‍नी कोरोना टेस्‍ट में पॉजिटिव निकले

वर्ष 2006 में भाजपा और जदएस ने बारी-बारी से 20-20 महीने के लिए गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने का समझौता किया था. कुमारस्वामी ने इस समझौते के तहत जनवरी 2006 से भाजपा – जदएस गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था. लेकिन जब सरकार का नेतृत्व करने के लिए भाजपा की बारी आई तो कुमारस्वामी समझौते से मुकर गए और बीएस एदियुरप्पा को सत्ता सौंपने से इनकार कर दिया. नतीजा यह निकला कि सरकार गिर गई. Also Read - कर्नाटक उपचुनाव नतीजे: भाजपा ने 12 सीटें जीतकर हासिल किया स्पष्ट बहुमत, कांग्रेस को एक से करना पड़ा संतोष

इसके बाद 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर सरकार बनाई और येदियुरप्पा दक्षिण में भगवा पार्टी की पहली सरकार के मुख्यमंत्री बने. राजराजेश्वरी और जयनगर सीटों पर चुनाव के बारे में कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत होने संबंधी खबरों को कुमारस्वामी ने फर्जी बताया. Also Read - कर्नाटक में सुबह-शाम बहुमत की बंदूक दिखाने वालों को जनता ने आज करारा जवाब दिया: मोदी

उन्होंने कहा, ‘‘यह फर्जी खबर है, इस तरह की कोई चर्चा नहीं हुई है. राजराजेश्वरी नगर और जयनगर को जीतना एक आवश्यकता है. अब तक ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है.’’ कुमारस्वामी बाद में मंदिर दर्शन के लिए तमिलनाडु रवाना हो गए. राजराजेश्वरी नगर में चुनावी कदाचार की शिकायतों के चलते मतदान टाल दिया गया था जबकि जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था.

जदएस नेता सोमवार को संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलेंगे. इस दौरान वह सरकार गठन के तौर तरीकों पर काम करेंगे और उन्हें 23 मई को होने वाले शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित करेंगे.

(इनपुट: एजेंसी)