नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों में जेल जाने वाले नामचीन लोगों की सूची में शामिल हो गए. सीबीआई ने उन्हें आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया और गुरुवार को एक अदालत ने उन्हें 26 अगस्त तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया. सीबीआई चिदंबरम (73) से 2017 में दायर मामले में पूछताछ करेगी, जिसमें 2007 उनके वित्त मंत्री रहते एक मीडिया समूह को विदेशी कोष हासिल करने के लिए एफआईपीबी की मंजूरी देने में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया गया है.

चिदंबरम से पहले भी कई नामचीन हस्तियां सलाखों के पीछे जाना पड़ा, इनमें से ये हैं कुछ बड़े नेता:-

लालू प्रसाद यादव: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रेल मंत्री लालू 900 करोड़ों रुपये से अधिक के चारा घोटाले में दोषी ठहराये जाने के बाद फिलहाल रांची में जेल में बंद हैं. अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए इस दलील को ठुकरा दिया था कि वह 24 महीने जेल में काट चुके हैं. अदालत ने कहा था कि उन्हें मिली 14 वर्ष की सजा के मुकाबले 24 महीने कुछ नहीं है.

जे जयललिता: जयललिता को 1996 में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर मामले में गिरफ्तार किया गया था. जयललिता पर आरोप था कि उन्होंने 1991 से 1996 के बीच तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहते 66.65 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनके आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी. जयललिता और उनकी करीबी शशिकला समेत तीन लोगों को आय से अधिक संपत्ति मामले में सितंबर 2014 में दोषी ठहराया गया. उन्हें चार साल की जेल और 100 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई, हालांकि जललिता 21 दिन बेंगलोर केंद्रीय य कारागार में काटने के बाद अक्टूबर 2014 में चेन्नई लौट आईं. दिसंबर 2016 में लंबी बीमारी के बाद 68 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया.

बंगारु लक्ष्मण: भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारु लक्ष्मण को दिल्ली की एक अदालत ने 2012 में फर्जी हथियार सौदा मामले में एक लाख रुपए की घूस लेने के लिए चार साल कैद की सजा सुनाई थी. वह 2000 से 2001 के बीच भाजपा अध्यक्ष रहे. 2014 में उनका निधन हो गया.

ए राजा: पूर्व दूरसंचार मंत्री और द्रमुक नेता ए राजा (55) को चर्चित 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 2 फरवरी 2011 को गिरफ्तार किया गया था. 15 महीने दिल्ली की तिहाड़ जेल में काटने के बाद वह 12 मई 2012 को जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे. विशेष अदालत ने 2017 में उन्हें दोष मुक्त कर दिया था. राजा तत्कालीन कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में दूरसंचार मंत्री थे जब 2008 में आठ कंपनियों को ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर 122 दूरसंचार स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटित किये गए थे. राजा को विशेष अदालत ने 2017 में बरी कर दिया था.

कनिमोझी: द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की बेटी कनिमोझी (51) को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 21 मई, 2011 से 28 नवंबर, 2011 तक छह महीने जेल में रहीं. उन्हें भी 2017 में बरी कर दिया गया.

बीएस येदियुरप्पा: किसी भी दक्षिण भारतीय राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनने वाले बी एस येदियुरप्पा को सरकारी भूमि को निरूपित करने में कथित अनियमितताओं के लिए अक्टूबर 2011 में गिरफ्तार किया गया. 2011 में ही 25 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

सुरेश कलमाड़ी: भारतीय ओलंपिक संघ के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रमंडल खेल 2010 के अध्यक्ष को कलमाडी (75) के राष्ट्रमंडल खेल घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए अप्रैल 2011 में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. वह 9 महीने सलाखों के पीछे बिताने के बाद 2012 में दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर आए. उनकी गिरफ्तारी के बाद, कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया.

अमर सिंह: समाजवादी पार्टी के पूर्व कद्दावर नेता और राज्यसभा सदस्य अमर सिंह को 2008 के सनसनीखेज नोट के बदले वोट मामले में भूमिका के आरोप में 2011 में 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी.

वायुसेना के पूर्व एस पी त्यागी: वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी (74) को दिसंबर 2016 में सीबीआई ने 450 करोड़ रुपए के अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर रिश्वत मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था. 2007 में सेवानिवृत्त हुए त्यागी भारतीय वायु सेना के पहले प्रमुख हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार या आपराधिक मामले में सीबीआई ने आरोप पत्र सौंपा.