नई दिल्‍ली: आमतौर पर जब भी हम किसी भिखारी को देखते हैं तो आमतौर पर यही विचार आता है कि वह अपना जीवन जीने के लिए भीख मांग रहा है, लेकिन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक भिखारी ने इस अवधारणा को अलग हटकर कुछ नया कर दिखाया है. 73 साल के याडि रेड्डी (Yadi Reddi) विजयवाड़ा में मंदिर के गेट के बाहर भीख मांगते थे, लेकिन उन्‍होंने यहां के साईं बाबा मंदिर को बीते सात साल में 8 लाख रुपए दान में दिए हैं.

एएनआई के मुताबिक, याडि रेड्डी (Yadi Reddi) ने बताया कि मैंने पहले लगभग 40 साल तक रिक्‍शा चलाया, लेकिन जब घुटनों ने जवाब दे दिया तो भीख मांगने के मजबूर हो गया. उन्‍होंने बताया कि जब मेरी सेहत खराब होने लगी और मैं पैसे की जरूरत महसूस नहीं करता था, इसलिए मैंने मंदिर को योगदान देने के लिए तय किया.

याडि रेड्डी ( Yadi Reddi) ने बताया कि जब मैंने मंदिर को दान देना शुरू किया तो मेरी इनकम बढ़ गई थी. मंदिर को दान देने के बाद लोग मुझे ज्‍यादा मानने लगे. मेरे लिए यह आश्‍चर्य की बात थी कि मेरी इनकम धीरे-धीरे बढ़ गई. आज की डेट तक मैंने 8 लाख रुपए मैं दान कर चुका हूं. मैंने ईश्‍वर की शपथ कि मेरी जो भी इनकम होगी, वह भगवान को समर्पित कर दूंगा.

मंदिर के अधिकारियों ने याडि रेड्डी (Yadi Reddi) की तारीफ करते हुए बताया कि वास्‍तव में मंदिर के विकास में इससे बहुत मदद मिली है. हमने याडि रेड्डी (Yadi Reddi) की गई रकम से गोशाला बनाई है. उन्‍होंने भिखारी याडि रेड्डी (Yadi Reddi) की तारीफ करते हुए कहा, हम कभी डोनेशन नहीं मांगते हैं लेकिन शहर के लोग अपनी क्षमता के अनुरूप दान देते हैं.