देहरादून: केदारनाथ आपदा की छठी बरसी पर आज प्रदेश के पर्यटन मंत्रालय ने स्मृति वन लगाने की अनूठी योजना शुरू की जिसके तहत रूद्रप्रयाग सहित गढ़वाल क्षेत्र के सभी जिलों में पौधारोपण किया गया. सभी जिलों में अधिकारियों, स्थानीय समुदायों, विधायक, गणमान्य लोगों के अलावा रूद्रप्रयाग जिले में भी गढ़वाल आयुक्त के साथ जिलाधिकारी ने पौधे लगाये.

यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्मृति वन योजना के लिए सभी जिलों में जमीन का बंदोबस्त किया गया है. चमोली जिले में ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटूला के निकट दिगोली वन पंचायत में एक हेक्टेयर, देहरादून में ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग बाईपास पर लाल पानी में दो हेक्टेयर, हरिद्वार में भारतीय वन प्रभाग के अंतर्गत दक्ष दीप गंगा वाटिका में दो हेक्टेयर, उत्तरकाशी में द्वारी हार्टीकल्चर फार्म में डेढ़ हेक्टेयर, रुद्रप्रयाग जिले में रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ मार्ग पर रतूडा में भूमि चयनित की गयी है.

यह होगा अगला चरण
पहले चरण में जिले के सभी अधिकारियों और स्थानीय समुदायों ने वृक्षारोपण के लिए धन का योगदान दिया. अगले चरण में पर्यटक, स्थानीय समुदाय तथा तीर्थयात्रियों को इस योजना में दो हजार रुपये स्मृति वन काउंटर पर जमा कराने होंगे जिसके बाद वह अपने पूर्वजों की याद में पौधारोपण कर सकेंगे. तीर्थयात्रियों से पौधारोपण के लिए लिया जाने वाला शुल्क स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा जो स्मृति वन बनाने से लेकर उसकी देखरेख का सारा काम करेंगे. समूहों को हर हफ्ते रोपे गए पौधे की फोटो खींचकर उसे स्मृति वन के मोबाइल एप पर डाउनलोड करना होगा.