नई दिल्‍ली: दिल्‍ली पुलिस ने बीते 5 जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा के संदिग्‍धों की जारी तस्‍वीरों में स्‍टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट आइशी घोष को भी शामिल बताया है. इसके बाद आइशी ने कहा, मैंने कोई हमला नहीं किया है. पुलिस अपनी जांच कर सकती है. मेरे पास भी दिखाने को सबूत हैं कि कैसे मुझ पर हमला किया गया.

बता दें जेएनयू में बीते दिनों हुई 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर सीसीटीवी कैमरे में कैद संदिग्‍धों की फोटो जारी की है. संदिग्‍ध हमलावरों में जेएनयू छात्रसंघ अध्‍यक्ष आइशी घोष का नाम भी शामिल है. डीसीपी डॉ. तिर्की ने कहा, जिन लोगों की पहचान की गई है, उनमें चुनचुन कुमार, पंकज मिश्रा, आइशी घोष वास्‍कर विजय, सुचेता तलुकराज, प्र‍िया रंजन, दोलन सावंत, योगेंद्र भारद्वाज, विकास पटेल शामिल हैं.

शांतिपूर्व और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे ले जाएंगे
जेएनयू की स्‍टूडेंट्स यूनियन की अध्‍यक्ष आइशी ने कहा, हमने कुछ भी गलत नहीं किया. हम दिल्‍ली पुलिस से डरते नहीं हैं. हम कानून के साथ खड़े रहेंगे और अपने आंदोलन को शांतिपूर्व और लोकतांत्रिक ढंग से आगे ले जाएंगे.

कानून व्‍यवस्‍था में भरोसा, लेकिन दिल्‍ली पुलिस क्‍यों पक्षपात कर रही है?
आइशी घोष ने कहा, इस देश की कानून और व्‍यवस्‍था में मेरा भरोसा है कि निष्‍पक्ष जांच होगी. मुझे न्‍याय मिलेगा. लेकिन दिल्‍ली पुलिस क्‍यों पक्षपात कर रही है? मेरी शिकाययत को एक एफआईआर के रूप में दर्ज नहीं किया. मैंने कोई हमला नहीं किया है.

कुलपति के इस्तीफे की अपनी मांग पर हम कायम हैं
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ ने कहा है कि वह कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाए जाने की अपनी मांग पर कायम है लेकिन फीस वृद्धि के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन को वापस लेना है या नहीं इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा. छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात के बाद यह बात कही.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंत्रालय से दखल की मांग की
आइशी ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रसंघ ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शुरू की गई प्रॉक्टोरियल जांच में मंत्रालय से दखल की मांग की है.

बैठक फैसला करेंगे कि प्रदर्शन वापस लेना है या नहीं
जेएनयू छात्रसंघ की अध्‍यक्ष ने कहा, जेएनयू के कुलपति के इस्तीफे की हमारी मांग कायम है. हम सलाहकारों और पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाएंगे और फैसला करेंगे कि प्रदर्शन वापस लेना है या नहीं. हमनें अपनी बात रख दी है और अंतिम फैसले के लिए मंत्रालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं.