नई दिल्ली: बीजेपी शासित तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में जीत के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं. इनमें से दो राज्य छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बीजेपी पिछले 15 सालों से सत्ता में थी. तेलंगाना विधानसभा चुनाव में टीडीपी और अन्य पार्टियों के साथ किए गए गठबंधन का कांग्रेस को कोई फायदा नहीं मिला. के चंद्रशेखर राव की पार्टी ने यहां एकतरफा जीत हासिल की और गठबंधन को बुरी तरह हरा दिया.

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पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सोमेन मित्रा का कहना है कि 2019 का लोकसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी. सोमने मित्रा ने इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को मजबूत करने का काम सौंपा है. कांग्रेस को मजबूत करने के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव पार्टी अकेले लड़ेगी. उन्होंने कहा कि सैकड़ों कार्यकर्ताओं की बुरी तरह हत्या कर दी गई, उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें बेकार के केस में फंसाया जा रहा है और इसका कोई अंत होता नहीं दिख रहा है. हम 2019 का चुनाव अकेले लड़ेंगे.

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हालांकि केंद्रीय ऑब्जर्वर गौरव गगोई जिन्हें राहुल गांधी ने बंगाल का ऑब्जर्वर चुना है का कहना है कि विपक्ष की सभी पार्टियों में इस बात को लेकर बीजेपी को हराने के लिए हमें साथ आना चाहिए. उन्होंने कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे का सवाल है, इस बारे में कोई फैसला लेना जल्दबाजी होगी.

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दूसरी ओर विधानसभा चुनावों में अपने अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने बुधवार को पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस को श्रेय देने के मामले में ममता बनर्जी चुप क्यों हैं. कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने यहां एक रैली में प्रश्न किया कि ममता बनर्जी ने शानदार जीत के लिए राहुल गांधी को श्रेय क्यों नहीं दिया. गोगोई ने कहा, ‘जब कांग्रेस की तीन राज्यों में जीत के लिए पूरे देश ने कांग्रेस और राहुल गांधी को बधाई दी, केवल ममता बनर्जी बधाई नहीं दी. वह कांग्रेस की जीत से खुश नहीं है क्या?’

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ममता बनर्जी ने सभी जीतने वालों को बधाई दी, लेकिन उन्होंने कांग्रेस या राहुल गांधी किसी का नाम नहीं लिया. कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक अधीर चौधरी ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में तीन राज्यों में कांग्रेस की जीत ने तृणमूल की ‘रातों की नींद’ उड़ा दी है, क्योंकि इसने पार्टी के ‘ममता बनर्जी को अगले प्रधानमंत्री के तौर देखने के सपने’ पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है. चौधरी ने कहा कि अब उन्हें (टीएमसी को) पता है कि राहुल आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री के उम्मीदवार होंगे. इसलिए वे राहुल गांधी और कांग्रेस को श्रेय नहीं दे रहे हैं.