बेंगलुरु: कर्नाटक में जारी राजनीतिक घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवादों में घिर गए जब मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया कि उन्हें पार्टी के एक विधायक ने एक लक्जरी कार भेंट की है. दावा किया गया है कि कार डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की है और उन्हें किसान सह उद्योगपति और रियल एस्टेट कारोबारी विधायक बी सुरेश ने यह कार कथित तौर पर ‘तोहफे’ में दी. सुरेश कर्नाटक के सर्वाधिक धनी नेताओं में से एक हैं. सुरेश ने 2017 के विधानसभा चुनाव के लिये दायर हलफनामे में 416 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की थी. Also Read - Madhya Pradesh by-election: चुनाव आयोग ने कमलनाथ से छीना स्टार प्रचारक का दर्जा, उनकी रैलियों के लिए प्रत्याशी को अपनी जेब से देना होगा खर्चा

खबरों को आधार बनाते हुए प्रदेश भाजपा ने सिद्धरमैया पर निशाना साधा और उनपर ‘10 फीसदी की सरकार’ के दौरान ‘अकूत धन’ कमाने का आरोप लगाया है. ‘10 फीसदी’ का तंज उन आरोपों से संबंधित है जिसमें कहा जाता है कि सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वह कथित तौर पर 10 फीसदी कमीशन लिया करते हैं. Also Read - फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ भोपाल में मुस्‍लिमों का प्रदर्शन, कांग्रेस विधायक समेत कई पर केस दर्ज

प्रदेश भाजपा ने अपने ट्वीट में कहा, ‘कांग्रेस विधायक बी सुरेश ने डेढ़ करोड रुपये की कार सिद्धरमैया को तोहफे में दी. वह दो लाख रुपये का चश्मा पहनते हैं. उन्होंने 80 लाख रुपये की हबलोट घड़ी पहनी. ऐसा लगता है कि सिद्धरमैया आपने अपनी 10 फीसदी की सरकार के दौरान अकूत धन कमाया है.’ खबरों का खंडन करते हुए, कांग्रेस नेता और मंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि सिद्धरमैया को सुरेश ने मर्सिडीज-बेंज कार गिफ्ट में नहीं दी है, बल्कि यह उनकी यात्रा के लिए दी गयी थी. Also Read - Bihar Munger Violence: संजय राउत ने पूछा-मुंगेर की घटना पर भाजपा नेता ना सवाल कर रहे, ना बवाल, क्यों

उन्होंने कहा, ‘यह कोई उपहार या कुछ और नहीं है. हम कभी-कभी यात्रा करने के लिए अपने दोस्तों का वाहन ले जाते हैं. इसमें कोई समस्या नहीं है. क्या इसका कोई रिकॉर्ड है कि उन्हें उपहार मिला है? कुछ भी नहीं है, कोई रिकॉर्ड नहीं है.’ पिछले साल जून में सिद्धरमैया उस समय विवादों के घेरे आ गये थे जब तत्कालीन मंत्री केजे जॉर्ज ने कथित तौर पर उन्हें एक साल के लिए ईंधन कूपनों के साथ टोयोटा लैंड क्रूजर उपहार में दी थी. इससे पहले भी कई बार ऐसे मामलों को लेकर सिद्धरमैया विवादों के घेरे में रह चुके हैं.