बेंगलुरु: कर्नाटक में चन्नापटना कस्बे का एक फूल विक्रेता तब हैरान रह गया जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी के बैंक खाते में 30 करोड़ रुपए आए हैं. सईद मलिक बुरहान के साथ यह वाकया तब हुआ, जब वह परिवार के इलाज जरूरतों को पूरा करने के लिए आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे थे. Also Read - COVID-19: देश की सड़कें फिर नजर आईं सूनी, कोरोना संक्रमण के 72 फीसदी से ज्‍यादा केस सिर्फ इन 5 राज्यों से हैं

खबरों के मुताबिक, बैंक अधिकारियों ने दो दिसंबर को उनके घर का दरवाजा खटखटाया और बताने को कहा कि उनके खाते में इतनी राशि कैसे आई. बुरहान ने कहा, दो दिसंबर को वे हमारे घर की तलाशी लेने आए. उन्होंने बस इतना बताया कि मेरी पत्नी (रेहाना) के खाते में भारी रकम जमा की गई है और मुझे आधार कार्ड के साथ पत्नी के संग आने को कहा गया. Also Read - Covid19: इन 10 राज्यों में 83.29 प्रतिशत कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले

बुरहान ने दावा किया कि बैंक कर्मचारियों ने एक दस्तावेज पर दस्तखत करने के लिए उन पर बहुत दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया. बुरहान को याद आया कि उन्होंने एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए साड़ी खरीदी थी, जिसके बाद कार जीतने के कारण उनसे बैंक के विवरण मांगे गए थे. Also Read - Night curfew in Karnataka: बेंगलुरू और मैसूर सहित कर्नाटक के इन 7 जिलों में लगाया गया नाइट कर्फ्यू, केवल इन्हें मिलेगी छूट

बुरहान ने कहा कि उसके बाद हम भटकते रहे कि कैसे हमारे खाते में रकम आएगी. हमारे खाते में 60 रुपए ही थे, लेकिन अचानक इतना धन आ गया. हम समझ ही नहीं पाए. बुरहान ने कहा कि उन्होंने आयकर विभाग के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई. उनका दावा है कि विभाग शुरूआत में जांच करने को इच्छुक नहीं था.

शिकायत के आधार पर रामनगर जिले में चन्नापटना शहर की पुलिस ने आईपीसी के तहत जालसाजी और ठगी के लिए सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामले दर्ज किए. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कई बार वित्तीय लेनदेन किए थे, जिसके बारे में बुरहान को पता नहीं था.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, हम इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किस मकसद से ये भुगतान हुआ. जो भी इसके पीछे होगा हम उसे गिरफ्तार करेंगे.