सूटकेस में पैक थी 'जिंदा' गौरी, बेंगलरु मर्डर केस में सामने आया नया ट्विस्ट

बेंगलरु मर्डर केस में हर रोज कोई न कोई नई बाते सामने आ रही है. इस केस में अब एक चौंकाने वाला ट्विस्ट सामने आ रहा है जिससे पता चला है कि जिस वक्त राकेश खेडेकर ने अपनी पत्नी को चाकू मारने के बाद बैग में पैक किया उस वक्त गौरी की सांसें चल रही थी.

Published date india.com Published: April 3, 2025 9:41 AM IST
सूटकेस में पैक थी 'जिंदा' गौरी, बेंगलरु मर्डर केस में सामने आया नया ट्विस्ट

Bengaluru Murder Case: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. जहां एक आईटी प्रोफेशनल राकेश खेडेकर ने अपनी पत्नी की पहले तो चाकू मारकर हत्या की. इसके बाद वो अपनी पत्नी के शव को सूटकेस में पैक करके बाथरूम में पड़ा छोड़ गया. अब इस मामले में नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जो इसे और भी रहस्यमय बना रहे हैं. ताजा अपडेट के मुताबिक गौरी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जब राकेश ने गौरी को चाकू मारने के बाद उसे सूटकेस में पैक किया, तो उस वक्त गौरी की सांसें चल रही थीं. जिससे पता चला की गौरी की मौत चाकू के घावों से नहीं, बल्कि सूटकेस के अंदर दम घुटने से हुई है.

बता दें कि ये दिल दहला देने वाली घटना 26 मार्च 2025 की रात की है. जब बेंगलुरु के एक आवासीय इलाके में राकेश खेडेकर ने अपनी पत्नी गौरी की हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक दोनों की चार साल पहले लव मैरिज हुई थी. हालांकि, शादी के बाद से ही दोनों के रिश्ते में तनाव बना हुआ था. गौरी को लंबे समय से नौकरी नहीं मिल रही थी, जिसके चलते परिवार में आर्थिक दबाव बढ़ गया था. इसके अलावा, छोटी-छोटी बातों पर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे थे.

क्या है पूरा मामला?

26 मार्च की रात राकेश खेडेकर और गौरी के बीच किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई. इस बहस ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया. जिसमें गुस्से में आकर राकेश ने घर में रखे चाकू से गौरी पर हमला कर दिया. उसने गौरी के गले और पेट में कई वार किए. इसके बाद उसने गौरी को एक सूटकेस में पैक कर दिया और घर से फरार हो गया.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया सामने

शुरुआत में माना जा रहा था कि चाकू के गहरे घावों की वजह से उसकी मौत हुई होगी. लेकिन, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने एक नया और डरावना सच सामने लाया है. रिपोर्ट के अनुसार, चाकू के घाव घातक नहीं थे और गौरी उस वक्त जिंदा थी, जब उसे सूटकेस में बंद किया गया. सूटकेस के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण दम घुटने से उसकी मौत हुई. ये खुलासा इस हत्याकांड की क्रूरता को और भी उजागर करता है.

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