नई दिल्ली/जयपुर. राजस्थान चुनाव में कांग्रेस सत्ता वापसी के लिए हर रास्ता अपना रही है. इस बार उसने जहां कई दिग्गजों को मैदान में उतारा है, वहीं भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या मदेरणा को भी टिकट दिया है. वह जोधपुर की ओसियां विधानसभा सीट से मैदान में हैं. भंवरी देवी केस के खुलने के बाद इस परिवार से पहली बार कोई चुनावी मैदान में उतरा है.

दिव्या मदेरणा का जहां एक परिचय भंवरी देवी केस में जेल में बंद महिपाल मदेरणा की बेटी के रूप में है. तो दूसरा परिचय कद्दावर जाट नेता परसराम मदेरणा की पोती हैं. परसराम मदेरणा एक समय इलाके में कांग्रेस का चेहरा हुआ करते थे. अब कांग्रेस ने उनकी पोती को मैदान में उतारकर नया समीकरण बनाने की कोशिश की है.

जिला परिषद सदस्य हैं दिव्या
परसराम मदेरणा की दबंगई के कई किस्से हैं. कहा जाता है कि वह तरह का काम मिनटों में करा लेते थे. महिपाल भी बरसों तक जोधपुर के जिला प्रमुख रहे. वह प्रदेश में मंत्री भी रह चुके हैं. हालांकि, मंत्री बनने के बाद ही महिपाल भंवरीदेवी हत्याकांड में फंसे और जेल में बंद हैं. महिपाल को सजा होने के बाद उनकी पत्नी लीला मदेरणा चुनाव लड़ीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस बीच दिव्या मदेरणा जिला परिषद की सदस्य बन गईं.
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दिव्या ने नॉटिंघम यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
दिव्‍या ने नॉटिंघम यूनिवर्सिटी से अर्थशास्‍त्र की पढ़ाई की है. पढ़ाई करके वह घर लौटी तो उन्होंने परिवार को राजनीति में हासिए पर पाया. इसके बाद वह सक्रिय हुईं और जिला परिषद तक पहुंची. उनकी छवि दबंग नेता की है. कई मीटिंग में उनके सीनियर कांग्रेसियों सो उलझने की खबर आई हैं.

क्या है भंवरी देव केस
36 साल की भंवरी देवी पेशे से नर्स थी. उसका अपहरण करके शव जलाकर राख को नहर में बहा दिया गया था. केस की जांच कर रही एजेंसियों ने दावा किया था कि कुछ हड्डियां बरामद हुई हैं और वह भंवर देवी की हैं. इस केस में कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके महिलाप मदेरणा का नाम आया था.