नई दिल्ली: भारत बंद को लेकर सोशल मीडिया पर हाहाकार मचा हुआ है. कोई हैदराबाद की रेप पीड़िता को लेकर भारत बंद की मांग कर रहा है तो कोई आर्थिक मंदी के नाम पर भारत बंद करने को कह रहा है. सोशल मीडिया पर भारत बंद का हैशटैग टॉप पर चल रहा है. ट्विटर यूजर्स इस संदेश को हर जगह प्रसारित कर रहे हैं. भारत बंद का मैसेज अब व्हाट्सऐप पर भी आने लगा है. ऐसे में पहला सवाल ये उठता है कि क्या सच में भारत बंद है या यह सब अफवाह है.

भारत बंद को लेकर अभी तक किसी प्रकार की अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. यह सब अभी तक सिर्फ सोशल मीडिया पर ही दिखाई और सुनाई दे रहा है. किसी भी संगठन की तरफ से अभी तक भारत बंद को लेकर कोई सूचना जारी नहीं की गई है. हालांकि देश में आर्थिक मंदी को लेकर कुछ व्यापारी संगठन भारत बंद करने की बात जरूर कर रहे हैं लेकिन अब तक उनकी तरफ से भी किसी प्रकार की कोई पुष्टी नहीं की गई है.

ट्विटर पर लोग भारत बंद की अफवाहों को तेजी से प्रसारित कर रहे हैं. ज्यादातर लोग भारत बंद का मुद्दा इसलिए उठा रहे हैं ताकि हैदराबद की रेप पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके. यूजर्स द्वारा भेजे जा रहे संदेश में भ्रामक बातों को फैलाया जा रहा है. लोगों की मांग है कि पीड़िता के न्याय के लिए फास्टट्रैक कोर्ट का गठन किया जाए साथ ही आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए.

फर्जी मैसेज हो रहें प्रसारित

भारत बंद व रेप पीड़िता को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ संदेश तेजी से प्रसारित किए जा रहे हैं. इस मैसेज में लिखा है- 5 दिसम्बर को स्वेच्छिक भारत बंद. बहुत कर लिए तुम लोगो ने अपने स्वार्थ के लिए भारत बंद अब अपनी बहन-बेटी के लिए भारत बंद का समर्थन करो सरकार को जगाओ, देश की बेटी को न्याय दिलाओ, दरिन्दों को खुलेआम फांसी दिलाओ. कभी भीम सेना तो कभी शिव सेना, तो कभी बजरंग सेना ने देश को बंद किया है. अगर आपके घर मे बहन-बेटी है तो अपनी बेटियों के लिए 5 दिसंबर को भारत बंद करो.

मैसेज में आगे लिखा है- पूछ रही हर नारी है, क्या देश में लड़की पैदा होना गुनाह है? अब रच दो एक ऐसा इतिहास की आगे हमे कभी नहीं लिखना पड़े Justice for…….. आज भी आप मौन हो तो कल आपके घर की नारी की बारी है.
जब आतंकवादियों के लिए आधी रात को कोर्ट खुल सकता है. राम मंदिर के लिए 40-45 दिनों तक रोज सुनवाई चल सकती है, तो क्या देश में नारी रक्षा के लिए बिना सुनवाई फांसी का कोई कानून नहीं बन सकता.

इस संदेश में आगे राम मंदिर को रेप पीड़िता के साथ जोड़कर लिखा गया है- क्या करोगे राम मंदिर बना के, जब आंगन में खेल रही सीता भी सुरक्षित नहीं. मैं (यूजर) भारत बंद का समर्थन करता हुं, क्योंकि मेरे घर में भी बहन-बेटी है. मैंने भी एक स्त्री की कोख से जन्म लिया है. साथ ही इस संदेश को पूरे भारत में फैलानी की भी बात लिखी गई है और कहा गया है कि सभी लोग 5 दिसंबर तक अपनी सोशल मीडिया साइट्स और व्हाट्सऐप डीपी में हैदराबाद की रेप पीड़िता के लिए Justicefor…. लगाएं.

बता दें कि सोशल मीडिया पर इस तरह की तमाम बाते फैलाईं जा रही हैं. कुछ लोग 10 दिसंबर को भारत बंद की मांग कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग 5 दिसंबर को भारत बंद करने को कहने रहे हैं. अब तक इस बात की पुष्टि अधिकारिक तौर पर किसी ने नहीं की है. ट्विटर पर भारत बंद की बात एक तरह की अफवाह है जिसे मामले को तूल देने के लिए किया जा रहा है. हालांकि देश में कुछ जगह पर हैदराबहाद की रेप पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन जरूर हो रहे हैं लेकिन भारत बंद की अब तक पुष्टी नहीं हो सकी है.