नई दिल्ली: अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवावरण अधिनियम (एससी/एसटी एक्ट) को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के विरोध में दलित और आदिवासी संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. भारत बंद का असर दिल्ली में भी साफ देखा जा सकता है. प्रदर्शनकारियों के मार्च के चलते लुटियंस दिल्ली में आज ट्रैफिक की रफ्तार थम गई. Also Read - अखाड़ा परिषद की धमकी- पालघर संतों की हत्या मामले पर तुरंत हो कार्रवाई, नहीं तो बड़े पैमाने पर शुरू होगा आंदोलन

Also Read - मोहम्‍मद शमी ने समझा दिल्‍ली का दर्द, VIDEO बनाकर दिखाई 5 किलोमीटर लंबे जाम की स्थिति

प्रदर्शनकारियों ने मंडी हाउस पर एकत्रित होकर उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कथित उत्पीड़न के मामलों में स्वत: गिरफ्तारी और मामले दर्ज किए जाने पर रोक लगाई गई है. Also Read - जेएनयू छात्रसंघ के हिंसक विरोध प्रदर्शन से लोगों के मन में पैदा हुई शंका, राजनीति से प्रेरित था आंदोलन: भाजपा प्रवक्ता

भारत बंद: हिंसा की आग में झुलसा पूरा देश, ग्वालियर-मुरैना में 4 लोगों की मौत

प्रदर्शनकारियों ने मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात थम गया और आईटीओ और यहां से होकर जाने वाले अन्य मार्गों के यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बाराखंबा मार्ग के एक हिस्से को भी बाधित किया जिससे यातायात प्रभावित हुआ. कई दलित संगठनों ने आज देश भर में भारत बंद आहूत किया है. उच्चतम न्यायालय ने20 मार्च को अजा/ अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम के कुछ प्रावधानों में बदलाव किया था.

दिल्ली के अलावा इसका असर बिहार, ओडिशा और पंजाब सहित देश के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है. मेरठ में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी फूंक दी है. खबर सामने आ रही है कि मेरठ के विधायक के घर पर भी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया है. प्रदर्शन इतना हिंसक हो गया है कि अबतक ग्वालियर-मुरैना में 4 लोगों की जान भी जा चुकी है.