Bharat Bandh: किसानों के लिए लाए गए बिल पर देशभर में प्रदर्शन हो रहा है. भारतीय किसान यूनियन और अन्य किसान संगठन देश में भारत बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतर चुके हैं. इसमें कुल 31 संगठन शामिल हुए हैं. बता दें कि इन प्रदर्शनों को कई पार्टियों जैसे AAP, TMC, RJD और CONGRESS का समर्थन मिला हुआ है. वहीं इससे पहले पंजाब में तीन दिवसीय रेल रोको अभियान की शुरुआत की गई. यहां किसान रेलवे ट्रैक पर आकर लेट गए और ट्रेन आवागमन को बाधित किया. इन किसानों की मांग है कि भङारत सरकार द्वारा जारी इन 2 बिल्स को वापस लिया जाए.Also Read - Karnataka में बढ़ते कोरोना के चलते अतिरिक्‍त प्रतिबंध, रैली, धरना, प्रदर्शन पर बैन, शादी में मेहमानों की संख्‍या सीमित

बता दें कि बिहार के हाजीपुर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. यहां गांधी सेतु के पास NH-19 पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा दिया. यही नहीं यहां पप्पू यादव और उनकी पार्टी के लोग भी सड़क पर उतरे हुए हैं. पंजाब में विरोध वहां के किसान कर रहे हैं और यहां के किसान तो रेलवे को बाधित करने के लिए पटरियों तक पर लेटे हुए हैं. बता दें कि इस पूरे प्रकरण का कहीं न कहीं राजनीतिकरण किया जा चुका है. क्योंकि देश में कई कमेटियां रही हैं, जिन्होंने किसानी में रिफॉर्म की बात कही. यह रिफॉर्म अपने आप में काफी बड़ा है. बिल बेहतरीन है, लेकिन सरकार की गलती यह है कि इस बिल को जिस प्रक्रिया के जरिए सदन में पास कराया गया वह सही नहीं था. Also Read - नक्सलियों का 'भारत बंद' शुरू, 1 करोड़ के इनामी प्रशांत बोस की गिरफ्तारी का विरोध, रेल पटरियां उड़ाईं

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अगर किसानों की चिंता की बात करें तो उन्हें MSP की असल चिंता है. उन्हें कृषि मंडियों को लेकर डर सता रहा है. उन्हें डर है कि कहीं कृषि क्षेत्र पूंजीपतियों व निजी कारोबारियों के हाथ में न चला जाए. इससे किसानों का शोषण शुरू हो सकता है. हालांकि भारत सरकार किसानों की चिंता को लेकर बार बार बयान जारी कर कह रही है कि इससे किसानों को बिचौलिओं से छुटकारा मिलेगा.