Bharat Bandh News Updates: देश के 8 करोड़ व्‍यापारियों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले 40,000 से अधिक ट्रेड यूनियनों के संगठनों ने आज 26 फरवरी को भारत बंद बुलाया है. कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भारत बंद का समर्थन किया है. वहीं, दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भी आज के बंद में शामिल होने की अपील की है. Also Read - GST Collection March 2021: मार्च में जीएसटी का बंपर कलेक्शन, अभी तक की मेगा वसूली

नए ई-वे बिल और बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है. ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) ने भी भारत बंद में CAIT का समर्थन करने का फैसला किया है ताकि नए ई-वे बिल को खत्म करने या कुछ नियमों को रद्द करने की मांग की जा सके. वहीं, दिल्ली की सीमाओं पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किसानों से 26 फरवरी को परिवहन एवं श्रमिक संघों द्वारा बुलाए गए ‘भारत बंद’ में शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की अपील की है. Also Read - Bharat Bandh- No Vegetable, No Milk: किसान संगठन का ऐलान- दूध और सब्जियों की सप्लाई कर रहे बंद

व्यापारियों के संगठन कैट ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी)व्यवस्था के प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर 26 फरवरी को देशभर में सभी वाणिज्यिक बाजार बंद रहेंगे. कैट के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सभी राज्यों के 1,500 बड़े और छोटे संगठन जीएसटी संशोधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे. आवश्यक सेवाओं मसलन दवा की दुकानों, दूध और सब्जी की दुकानों को बंद से बाहर रखा गया है. Also Read - 'Bharat Bandh' आंदोलनकारी किसानों ने शुरू किया 'भारत बंद' रेल ट्रैक, सड़कों पर लगाया जाम

देश के आठ करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40,000 से अधिक व्यापार संघों ने 26 फरवरी, शुक्रवार को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है.

नए ई-वे बिल और बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है. देश के आठ करोड़ व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 40,000 से अधिक व्यापार संघों ने 26 फरवरी, शुक्रवार को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) द्वारा बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया.

नए ई-वे बिल और बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों के विरोध में बंद का आह्वान किया गया है. ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) ने भी भारत बंद में CAIT का समर्थन करने का फैसला किया है ताकि नए ई-वे बिल को खत्म करने या कुछ नियमों को रद्द करने की मांग की जा सके.

व्यापारियों के संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया. कैट का दावा है कि भारत व्यापार बंद में 40,000 से अधिक व्यापारिक संगठनों के 8 करोड़ व्यापारी शामिल होंगे. वहीं, कुछ अन्य व्यापारी संगठनों ने कहा कि वे बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं.

वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव वी के बंसल ने कहा कि कुछ मांगों के समर्थन में हम दुकानें बंद करने के पक्ष में नहीं हैं. हालांकि, हमारा मानना है कि पिछले 43 माह के दौरान जीएसटी अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल दिल्ली के महासचिव राकेश यादव ने कहा कि हम बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके संगठन ने सरकार को जीएसटी से संबंधित मुद्दों पर ज्ञापन दिया है.