नई दिल्ली: ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सोमवार को भारत बायोटेक की स्वदेशी तौर पर विकसित कोरोनो वायरस वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों पर परीक्षण करने की अनुमति दे दी. Also Read - कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद आशा कार्यकर्ता की मौत, सहकर्मी बोले- कोविड टीका लगते...

बता दें कि भारत में जानलेवा कोरोनावायरस का पहला मामला सामने आने के 11 महीने बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) वी.जी. सोमानी ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन और भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सीन’ को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है. इससे इन वैक्सीन को करोड़ो लोगों को दिए जाने का रास्ता खुल गया है. Also Read - Corona Vaccine in India: टीकाकरण अभियान के 7वें दिन 2.28 लाख लोगों को लगी वैक्सीन

डीसीजीआई ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की एक कोविड-19 विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) द्वारा सिफारिशों के आधार पर मंजूरी दी. Also Read - कोरोना वैक्सीन लगने के कई दिन बाद स्वास्थ्यकर्मी की मौत, अधिकारियों ने कहा- टीके से कोई लेना-देना नहीं

DCGI ने क्लिनिकल ट्रायल मोड में आपातकालीन हालत में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के सीमित इस्तेमाल की मंजूरी दी है और इसमें 12 वर्ष या इससे ऊपर के बच्चे भी शामिल हैं. गौरतलब है कि भारत बायोटेक ने फेज 2 में 12-18 साल के बच्चों पर भी वैक्सीन का ट्रायल किया था. इसके आधार पर उसे मंजूरी मिली है.