Covaxin Update: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत बायोटेक के कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के लिए रूचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) प्रस्ताव को स्वीकार लिया है और टीके को मंजूरी के संबंध में दस्तावेज सौंपे जाने के पहले 23 जून को डब्ल्यूएचओ के साथ बैठक होगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक इस बैठक में उत्पाद की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाएगी लेकिन टीका निर्माता के पास टीके की गुणवत्ता को लेकर एक संक्षिप्त विवरण पेश करने का अवसर होगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर डब्ल्यूएचओ ईयूएल-पीक्यू मूल्यांकन प्रक्रिया दस्तावेज में कोविड-19 टीकों की स्थिति पर यह जानकारी दी गयी है.Also Read - 12 से 17 साल के बच्चों को दी जाएगी मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन! यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने की सिफारिश

भारत बायोटेक ने पिछले महीने कहा था कि उसे अपने टीके कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल के लिए डब्ल्यूएचओ से जुलाई-सितंबर तक मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है. डब्ल्यूएचओ के दिशा-निर्देश के मुताबिक आपात इस्तेमाल सूचीबद्ध (ईयूएल) ऐसी प्रक्रिया है जिसके तहत लोक स्वास्थ्य संकट के समय नए या गैर लाइसेंस प्राप्त उत्पादों के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाती है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक औषधि के दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में सलाह और मशविरा का अवसर दिया जाता है. आवेदनकर्ता को डब्ल्यूएचओ के मूल्यांकन करने वालों से मुलाकात का भी मौका मिलता है जो कि उस उत्पाद की समीक्षा में शामिल होंगे. Also Read - Vaccination For Pregnant Women in MP: मध्य प्रदेश में आज से प्रेग्नेंट महिलाओं को भी लग रही वैक्सीन, बरती जा रही ये सावधानी

डब्ल्यूएचओ ने दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की इस बैठक के बारे में बताया, ‘‘दस्तावेज सौंपे जाने से पहले की बैठक में आंकड़ों या अध्ययन रिपोर्ट की विस्तृत समीक्षा नहीं की जाती. बैठक का महत्वपूर्ण पहलू उत्पाद के बारे में एक समग्र संक्षिप्त विवरण पेश करना है.’’ Also Read - Corona Virus: महाराष्ट्र में 6,017 नए मामले आए, 22 फरवरी के बाद सबसे कम

सूत्रों ने पूर्व में संकेत दिया था कि भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने केंद्र को बता दिया है कि उसने कोवैक्सीन के लिए ईयूएल हासिल करने के संबंध में डब्ल्यूएचओ को 90 प्रतिशत दस्तावेज जमा कर दिया है. पिछले महीने टीका निर्माता ने केंद्र सरकार को बताया था कि बाकी दस्तावेज जून तक सौंप दिए जाने की संभावना है.

(इनपुट भाषा)