Bharat Taxi दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव, 35 लाख से ज्यादा यूजर्स ने जताया भरोसा
Bharat Taxi: भारत टैक्सी का सबसे बड़ा फायदा ड्राइवरों यानी सारथियों को मिला है. इस प्लेटफॉर्म पर कोई भारी कमीशन नहीं लिया जाता और राइड की कमाई सीधे ड्राइवर के खाते में जाती है.
'भारत टैक्सी' आज दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव बन चुकी है. इस प्लेटफॉर्म से देशभर में 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और 6 लाख से ज्यादा सारथी जुड़े हुए हैं. यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' विजन को आगे बढ़ा रही है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी को इसे लॉन्च किया था.
ड्राइवरों की आय में 30% तक बढ़ोतरी
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा फायदा ड्राइवरों यानी सारथियों को मिला है. इस प्लेटफॉर्म पर कोई भारी कमीशन नहीं लिया जाता और राइड की कमाई सीधे ड्राइवर के खाते में जाती है. इससे सारथियों की मासिक आय में 25% से 30% तक की बढ़ोतरी हुई है. भारत टैक्सी के चेयरमैन और अमूल के एमडी जयेन मेहता के अनुसार, यह मॉडल ड्राइवरों को मालिक बनने का अवसर देता है और उनकी गरिमा बढ़ाता है.
यात्रियों को मिल रहा 15% सस्ता किराया
भारत टैक्सी यात्रियों को भी फायदा दे रही है. अन्य ऐप्स की तरह इसमें डायनेमिक प्राइसिंग नहीं है, जिससे किराया स्थिर और पारदर्शी रहता है. यात्रियों को औसतन 15% तक सस्ता किराया मिल रहा है. ड्राइवर जनक बारोट के अनुसार, अन्य कंपनियों में जहां किराया 30 रुपये प्रति किलोमीटर तक होता है, वहीं भारत टैक्सी 17-18 रुपये प्रति किलोमीटर के किफायती रेट पर सेवा दे रही है.
10 हजार से ज्यादा ड्राइवरों को प्रशिक्षण
सेवा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए भारत टैक्सी अब तक 10,000 से अधिक ड्राइवरों को डिजिटल लिटरेसी, सॉफ्ट स्किल्स और डिजिटल हैंडलिंग का प्रशिक्षण दे चुकी है. इससे सारथियों को प्रोफेशनल तरीके से काम करने में मदद मिल रही है.
गुजरात पुलिस के साथ SOS सुरक्षा सुविधा
यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भारत टैक्सी ने गुजरात पुलिस के साथ SOS इंटीग्रेशन किया है. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके, इसके लिए यह सुविधा सुरक्षा कवच की तरह काम करती है.
अहमदाबाद, सूरत के बाद अब वडोदरा में विस्तार
अहमदाबाद और सूरत में सफलता के बाद अब भारत टैक्सी जल्द ही वडोदरा में भी अपनी सेवा शुरू करने जा रही है. कंपनी आईटी पार्क, एयरपोर्ट और हाउसिंग सोसायटी जैसे क्षेत्रों में सीधे लोगों तक पहुंच बना रही है. इस बढ़ते नेटवर्क और आसान प्रक्रिया पर अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के प्रेसिडेंट अजय कुमार गुप्ता कहते हैं, 'ग्राहकों को यह बात बहुत आकर्षित करती है कि यह 'अपने भारत की कंपनी' है और इसमें सारथियों से कोई कमीशन नहीं लिया जाता. मेरी सभी सारथियों से अपील है कि वे इससे जुड़ें. इसकी प्रक्रिया इतनी आसान है कि ऐप पर खुद दस्तावेज़ सबमिट करने के महज़ 12 घंटों के भीतर अप्रूवल मिल जाता है.'
गुजरात में एक लाश से ज्यादा उपभोक्ता
गुजरात में 1 लाख समेत देशभर में 6 लाख से अधिक सारथियों और 35 लाख से ज्यादा ऐप डाउनलोड्स के साथ 'भारत टैक्सी' तेजी से एक मजबूत राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म बन रही है. अहमदाबाद और सूरत में शानदार सफलता के बाद, अब वडोदरा कंपनी के विस्तार का अगला प्रमुख केंद्र है. अपनी जमीनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए कंपनी 'बिलो द लाइन' (BTL) रणनीति के तहत आईटी पार्क, हाउसिंग सोसायटी और एयरपोर्ट जैसे अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में सीधे यूजर्स से जुड़कर इसे एक जन-केंद्रित ब्रांड बना रही है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें