मुजफ्फरनगर: किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के तीन महीने होने जा रहे हैं. तीन महीने से चल रहे आंदोलन के बीच किसानों की मांगों को लेकर अब तक कोई हल नहीं निकल सका है. इस बीच भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) ने किसानों से कहा है कि वह बीजेपी नेताओं को अपने पारिवारिक समारोहों और शादियों में न बुलाएं. ऐसा तब तक करें जब तक कृषि आंदोलन का कोई न निकल आए. किसान ऐसा इसलिए भी करें क्योंकि सरकार हमारी बात नहीं सुन रही है.Also Read - शादी के कार्ड पर किसान आंदोलन की झलक, दूल्हे ने लिखवाया- जंग अभी जारी है, MSP की बारी है

किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर के सिसौली में एक पंचायत का आयोजन किया और इसमें आग्रह किया कि लोग अपने पारिवारिक समारोह या कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं को आमंत्रित ना करें. ऐसा तब तक करने के लिए कहा गया है जब तक कि सरकार और किसानों के बीच का गतिरोध खत्म नहीं हो जाता है. सिसौली में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रमुख नरेश टिकैत ने यह निर्देश दिया है. इससे पहले मुजफ्फरनगर की एक किसान महा पंचायत में भाजपा नेताओं का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया गया था. इस फैसले से भाजपा के लिए चीजें अजीब हो गईं हैं क्योंकि भाजपा ने नेताओं से कहा है कि वे किसानों से मिलकर उन्हें कृषि कानूनों से होने वाले फायदे समझाएं लेकिन किसान उन्हें अपने पास आने नहीं दे रहे हैं. Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

बीकेयू के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह ने कहा, “बीकेयू प्रमुख नरेश टिकैत ने लोगों को किसी भी कार्यक्रम में भाजपा नेताओं को आमंत्रित नहीं करने की सलाह दी है. ऐसा उन्होंने किसान आंदोलन के मद्देनजर नेताओं को लोगों द्वारा किए जा सकने वाले र्दुव्यवहार से बचाने के लिए कहा है.” बता दें कि सिसौली की पंचायत बुधवार की शाम को 4 घंटे से ज्यादा चली और इसमें आंदोलन के विभिन्न पहलुओं और गन्ने की दर में वृद्धि नहीं होने के मुद्दे पर चर्चा की गई. Also Read - BJP सांसद की किरकिरी, किसानों से ताली बजाने को कहा, सुनने को मिला इनकार