नई दिल्ली: भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने नियुक्तियों और प्रोन्नति में आरक्षण से संबंधित उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के खिलाफ 23 फरवरी को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है. उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि प्रोन्नति एवं सार्वजनिक सेवा की नौकरियों में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है और इसके लिए राज्य जिम्मेदार नहीं है.

उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित सांसदों और विधायकों से बुधवार को अनुरोध किया कि वे इस फैसले को अमान्य घोषित करने से संबंधित एक विधेयक लाने के लिए सरकार पर दबाव डालें. आजाद ने कहा कि उनका संगठन अपनी मांगों को लेकर 16 फरवरी को मंडी हाउस से संसद तक मार्च निकालेगा.

बता दें कि इससे पहले चंद्रशेखर को जामा मस्जिद से CAA का विरोध करने के लिए गिरफ्तार किया गया था. हालांकि कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ बाद में चंद्रशेखर को रिहा कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान चंद्रशेखर दिल्ली में नहीं रहेंगे.