नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में 20 दिसंबर को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को सोमवार को नियमित चिकित्सा परामर्श और इलाज के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया. आजाद पॉलीसिथेमिया बीमारी से ग्रस्त हैं, जिसमें शरीर अधिक संख्या में लाल रक्त कणों को बनाता है. Also Read - Explained: कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगाए प्रतिबंध किस तरह से अर्थव्यवस्था को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

बता दें क‍ि भीम आर्मी प्रमुख को 21 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. Also Read - Corona Guidelines for Navratri and Ramadan 2021: यूपी, बिहार से लेकर महाराष्ट्र तक, जानिए इन 6 राज्यों में नवरात्र और रमजान को लेकर क्या हैं नियम?

वहीं, सोमवार को भीम आर्मी प्रमुख ने सोमवार को दिल्‍ली की तीस हजारी कोर्ट में दरियागंज हिंसा मामले में जमानत याचिका दायर की. इस मामले में कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगी. इससे पहले कोर्ट ने उन्‍हें एम्‍स में इलाज करवाने की अनुमति दी थी. Also Read - क्‍या दिल्‍ली में लगेगा लॉकडाउन? CM केजरीवाल ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आज 12 बजे बुलाई मीटिंग

एम्स के सूत्रों ने बताया कि आजाद का कुछ समय से रुधिरविज्ञान विभाग में नियमित इलाज चल रहा है. उनकी जांच की जा रही है और जल्द उन्हें जल्द वापस भेज दिया जाएगा.

बता दें कि 9 जनवरी को दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया था कि आजाद का दिल्ली स्थित एम्स में पॉलीसिथेमिया का इलाज करवाया जाए.

अपनी याचिका में आजाद ने कहा था कि वह पॉलीसिथेमिया से पीड़ित हैं और एम्स के संबंधित डॉक्टर से नियमित जांच की जरूरत होती है, जो उनका इलाज कर रहे हैं. उन्होंने याचिका में कहा था कि अगर तुरंत इलाज नहीं कराया गया तो उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता है. भीम आर्मी प्रमुख को 21 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.