नई दिल्ली: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की और कहा कि दलित समूह नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन की मजबूती के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगा. गाजियाबाद प्रशासन द्वारा प्रदर्शनस्थल खाली किए जाने की चेतावनी दिए जाने के एक दिन बाद आजाद ने टिकैत से मुलाकात की है. आजाद शाम 6:30 बजे भीम आर्मी के करीब 100 सदस्यों के साथ यूपी गेट पहुंचे.Also Read - UP Assembly Election: CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, इन नेताओं के खिलाफ नहीं उतारेंगे उम्मीदवार

दलित नेता ने कहा कि टिकैत ‘‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश की शान’’ हैं और वह किसान नेता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ हम अपने किसानों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके आंदोलन को मजबूती देने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे.’’ Also Read - UP Election 2022: आरएलडी और सपा को समर्थन देगी भारतीय किसान यूनियन, नरेश टिकैत ने की घोषणा

आजाद ने आरोप लगाया कि सरकार उनके ‘‘आंदोलन को समाप्त करने और किसानों को हिंसा के लिए उकसाने के लिए हर चाल चलेगी.’’ उन्होंने किसानों से अंहिसा के रास्ते पर ही चलने की अपील भी की. Also Read - UP Assembly Elections 2022: भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर बोले समाजवादी पार्टी के साथ नहीं करेंगे गठबंधन, अखिलेश ने दलितों का अपमान किया

आपको बता दें कि जहां गुरुवार को ऐसा लग रहा था कि किसान आंदोलन को सरकार खत्म करा देगी वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को किसानों देशभर में फिर से अपनी एकता दिखाते हुए सरकार को चुनौती दी. किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन खत्म करने से सीधे तौर पर मना कर दिया.

किसान संगठनों के नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाएंगे और दिन भर का उपवास रखेंगे.

किसान नेताओं ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक उपवास रखा जाएगा. उन्होंने देश के लोगों से किसानों के साथ जुड़ने की अपील की. किसान नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के खिलाफ “शांतिपूर्ण” आंदोलन को “बर्बाद” करने का प्रयास किया जा रहा है.