लाहौर/चंडीगढ़: साल 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए जरनैल सिंह भिंडरावाले और उसके सैन्य सलाहकार शाहबेग सिंह समेत तीन सिख अलगाववादी नेता पाकिस्तान सरकार द्वारा करतारपुर गलियारे पर जारी किए एक आधिकारिक वीडियो में नजर आए, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया है. इस बीच, चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वीडियो गलियारे को खोलने में पाकिस्तान के ‘गुप्त एजेंडे’ को दिखाता है.

यह वीडियो बहु-प्रतीक्षित गलियारे के उद्घाटन समारोह से महज कुछ दिनों पहले सोमवार को जारी किया गया. गलियारा पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर दूर करतारपुर में दरबार साहिब से जोड़ेगा. वीडियो में प्रतिबंधित खालिस्तानी समर्थक समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’ का एक पोस्टर भी देखा गया जो अपने अलगाववादी एजेंडा के तौर पर सिख जनमत संग्रह 2020 की मांग कर रहा है.

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वीडियो पर टिप्पणी करते हुए अमरिंदर ने कहा, ‘यह सब वही है जो मैं पहले दिन से कह रहा हूं कि पाकिस्तान का यहां गुप्त एजेंडा है.’ भिंडरावाले सिख धार्मिक संगठन दमदमी टकसाल का प्रमुख था. उसे 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था. वह खालिस्तान आंदोलन का कथित चेहरा था जिसमें हजारों लोग मारे गए.

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भारतीय सेना में जनरल शाहबेग सिंह 1984 में खालिस्तानी आंदोलन में शामिल हुआ जब उसकी सेवानिवृत्ति से कुछ वक्त पहले उसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का सामना करना पड़ा तथा उससे उसकी रैंक भी छीन ली गई. ऐसा माना जाता है कि सिंह, भिंडरावाले का सैन्य सलाहकार था और वह भी ऑपरेशन ब्लू स्टार में मारा गया था. गौरतलब है कि करतारपुर गलियारे पर वार्ता के दौरान भारत ने इस परियोजना पर इस्लामाबाद द्वारा नियुक्त समिति में प्रमुख खालिस्तानी अलगाववादी की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

(इनपुट-भाषा)