इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी चुनौती मिली थी, लेकिन राहुल के नेतृत्व को कभी चुनौती नहीं मिलीः भूपेश बघेल

बघेल ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि पार्टी में राहुल के करीबियों को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है

Published date india.com Published: October 10, 2019 12:53 PM IST
इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी चुनौती मिली थी, लेकिन राहुल के नेतृत्व को कभी चुनौती नहीं मिलीः भूपेश बघेल
Bhupesh Baghel

रायपुरः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी में कभी भी राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती नहीं मिली और उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह निकट भविष्य में एक बार फिर से पार्टी की कमान संभालेंगे. बघेल ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि पार्टी में राहुल के करीबियों को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने राहुल के इस्तीफे एवं पार्टी की स्थिति को लेकर कांग्रेस को असहज करने वाला एक कथित बयान भी दिया है.

छत्तीसगढ़ में एक सप्ताह के लिए निकाली गई अपनी ‘‘गांधी विचार यात्रा’’ के समापन से पहले बघेल ने यहां एक साक्षात्कार में बताया ‘‘इतिहास में यह बात दर्ज है कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर इंदिरा जी को भी चुनौती मिली थी. राजीव जी को भी चुनौती मिली और सोनिया जी को भी चुनौती मिली. लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर कभी चुनौती नहीं मिली.’’ उन्होंने कहा ‘‘कभी किसी कार्यकर्ता और नेता ने उनके नेतृत्व को लेकर उंगली नहीं उठाई.’’

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पार्टी में राहुल के करीबी नेताओं को निशाना बनाए जाने के आरोप पर बघेल ने कहा ‘‘व्यक्तिगत स्तर पर किसी ने बयान दिया होगा तो उसे महत्व देने की जरूरत नहीं है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें उम्मीद है कि निकट भविष्य में राहुल फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनेंगे तो मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘निश्चित तौर पर बनेंगे. बिल्कुल बनेंगे.’’ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर निकाली गई अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए बघेल ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इनका राष्ट्रवाद बापू के राष्ट्रवाद से बिल्कुल उलट है.’’

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बघेल ने कहा कि देश में वर्तमान स्थितियों में बापू के राष्ट्रवाद की अवधारणा ज्यादा प्रासंगिक है. मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘एक तरफ महात्मा गांधी का राष्ट्रवाद है कि असहमति रखने वालों का भी सम्मान किया जाए, लेकिन भाजपा एवं आरएसएस का राष्ट्रवाद यह है कि अगर आप इनसे सहमत नहीं हैं तो आपको वह ट्रोल करेंगे और आपको मिटाने की कोशिश की जाएगी.’’ उन्होंने यह भी कहा ‘‘मैं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि क्या उनका राष्ट्रवाद हिटलर और मुसोलिनी से प्रभावित नहीं है ?’’

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