Union Cabinet Decision: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक मे बुधवार को कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें 2. 1 करोड़ गन्ना किसानों को बड़ी राहत दी गई वहीं तीन हवाईअड्डों के निजीकरण को मंजूरी दी गई. केंद्रीय मंत्री प्नकाश जावडेकर और जितेंद्न सिंह ने बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें उन्होंने गन्ना किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. साथ ही  बताया कि तीन एयरपोर्ट के निजीकरण को भी मंजूरी दी गई है. इसके अलावे और कई फैसले लिए गए.Also Read - Delhi Petrol-Diesel Price: दिल्लीवालों की बल्ले-बल्ले-आज आधी रात से 1 लीटर पेट्रोल बस @95.97 रुपये

गन्ना किसानों को मिला बड़ा तोहफा Also Read - मंत्रिमंडल ने वायुसेना के लिए 56 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को दी मंजूरी, 40 विमान देश में ही बनेंगे

केंद्गीय मंत्री प्नकाश जावडेकर ने बताया कि गन्ना के FRP को बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है,  1 करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा.  यानी गन्ना खरीदने पर गन्ना किसानों को चीनी मिलों की तरफ से ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा. ये 275 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 285 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. Also Read - PMC समेत कई अन्य बैंकों के खाताधारकों के लिए खुशखबरी! मोदी सरकार ने DICGC एक्ट को दी मंजूरी- बैंक डूबा तो भी 90 दिनों में...

उन्होंने कहा, 10 फीसदी रिकवरी के मामले में किसानों को पूरा पैसा मिलेगा. अगर 11 फीसदी रिकवरी होती है तो किसानों को ज्यादा पैसा मिलेगा. यानी उनको प्रति क्विंटल 28.50 रुपये ज्यादा मिलेंगे. अगर 9.5 फीसदी रिकवरी होती है तो किसानों को 270.75 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा मिलेगा. इससे एक करोड़ किसान लाभान्वित होंगे.

तीन एयरपोर्ट के प्राइवेटाइजेशन को दी गई मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में  3 एयरपोर्ट के निजीकरण के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई है. कैबिनेट ने जयपुर, गुवाहाटी और तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को पीपीपी मॉडल के तहत लीज पर देने का फैसला किया है. ये एयरपोर्ट 50 साल के लिए लीज पर दिए जाएंगे. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इससे सरकार को तुरंत 1,070 करोड़ रुपये मिलेंगे. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) इस पैसे का इस्तेमाल छोटे शहरों में हवाई अड्डों के विकास के लिए करेगी.

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को मिलेगा लोन
कैबिनेट ने कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को हो रही परेशानी से बड़ी राहत दी है. पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को PFC और REC के जरिए अब आसान शर्तों पर सस्ता लोन दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि कोरोना के चलते बिजली बिलों के भुगतान में देरी से पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

190 करोड़ लीटर एथेनॉल की होगी खरीद
केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार एथेनॉल भी खरीदती है. पिछले साल सरकार ने 190 करोड़ लीटर एथेनॉल की खरीद की है. ये खरीद लगभग 60 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से हुई है. उन्होंने कहा,