पश्चिम बंगाल: चुनावों में करारी हार के बाद ममता बनर्जी को तगड़ा झटका- टूट की कगार पर पार्टी, बागी हो रहे विधायक

बीजेपी ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस से को हराकर सत्ता छीनी थी. अब तृणमूल कांग्रेस बड़ी टूट की ओर जाती दिख रही है.

Written by: Arun Kumar
Updated: June 3, 2026, 11:46 AM IST

Big Jolt For Mamata Banerjee in TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सत्ता से बाहर होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को एक बड़ा झटका लगता दिख रहा है. उनकी पार्टी बड़ी टूट की ओर जाती दिख रही है. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. 2013 से राज्य की सत्ता संभाल रही TMC इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हारकर बाहर हो गई. इस बार TMC के 80 विधायक जीत कर विधानसभा पहुंचे थे और अब ये विधायक दो धड़ों में बंटे दिख रहे हैं.

TMC के दूसरे धड़े में 59 विधायक

दावा किया जा रहा है कि ममता बनर्जी कैम्प से अब 59 विधायक अलग होने को तैयार हैं. माना जा रहा है टीएमसी का हश्र महाराष्ट्र में बंटी शिव सेना जैसा होने जा रहा है, जहां पार्टी का सिंबल भी उनसे छिनकर नए बने धड़े में चला जाएगा. कुछ समय पहले महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना भी टूट गई थी, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला धड़ा असली शिवसेना के रूप में सामने आया था और पार्टी का सिंबल भी उसी ने अपने नाम कर लिया था.  अब टीएमसी भी ऐसी ही टूट का शिकार होती दिख रही है जहां पार्टी की पहचान और उसका सिंबल भी उनसे दूर होने की अटकलें हैं.

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बन रहा दूसरा धड़ा

टीएमसी एक नए धड़े का चेहरा ऋतब्रत बनर्जी के रूप में सामने आ रहा है. हाल ही में ममता बनर्जी ने दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी के से निकाल दिया था. इसके बाद से टीएमसी में टूट का सिलसिला अंदर ही अंदर पकने लगा और बुधवार को पार्टी के बागी विधायक काले शीशों की गाड़ियों में विधानसभा पहुंचे हैं. अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है लेकिन अगले कुछ ही घंटों में इसके ऐलान की उम्मीद है.

ममता के खास विधायक भी दूसरे धड़े के संपर्क में

पार्टी से बाहर होने के बाद इन दोनों विधायकों ने MLA हॉस्टल में TMC के कई विधायकों से मुलाकात कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाया. पार्टी में ममता की पकड़ इतनी ज्यादा कमजोर हो गई है कि इन मीटिंग्स में ममता बनर्जी के कई खास विधायक में शामिल रहे, जो उनकी ताकत माने जाते थे.  TMC के नए गुट को मान्यता मिलने के लिए कम से कम 52 विधायकों की समर्थन की जरूरत होगी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े ने 59 विधायकों के साथ होने की बात कहकर ममता के पैरों से जमीन खिसका दी है.

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