नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने रविवार को सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों को निर्देश दिया कि वे फ्लू जैसे लक्षणों और श्वसन संबंधी बीमारियों वाले सभी मरीजों और केन्द्र पर आने वाले हाई रिस्क वाले सभी लोगों की अनिवार्य रूप से रैपिड एंटीजन जांच करें. Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित सभी अस्पतालों के मेडिकल निदेशकों, चिकित्सा अधीक्षकों और निदेशकों को कहा गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सूची में शामिल उन सभी मरीजों और लोगों की रैपिड एंटीजन जांच अनिवार्य रूप से हो, जो अस्पताल आए हैं. Also Read - जन्माष्टमी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस कर्फ्यू में छूट दी

उसमें कहा गया है कि फ्लू जैसे लक्षणों और सांस लेने में दिक्कत के साथ अस्पताल आने वाले सभी लोगों की अनिवार्य रूप से जांच की जाए. इसके अलावा भी सरकार ने ऐसे लोगों और मरीजों की लंबी सूची जारी की है जिनकी जांच अनिवार्य की गई है. Also Read - Rahat Indori Death: कोरोना से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा, मशहूर शायर के जाने की यही वजह तो नहीं!

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. दिल्ली में सत्तर फीसदी से ज्यादा कोरोना के मामले अनलॉक के बाद सामने आए. बता दें कि दिल्ली इस समय कोरोना प्रभावित राज्यों में सबसे पहले नंबर पर है. यहां अब तक करीब एक लाख लोग कोरोना से प्रभावित हैं जबकि तीन हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

दिल्ली में कोरोना के हालात को सुधारा जा सके इसके लिए केंद्र और केजरीवाल सरकार दोनों लगातार साथ में मिलकर काम कर रही है. कल रविवार को गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ द्वारा बनाए गए 1000 बेड्स वाले अस्थाई अस्पाताल का दौरा भी किया. इस दौरान सीएम केजरीवाल भी उनके साथ मौजूद रहे.