नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस प्रकोप के मद्देनजर करीब 20,000 घरों को “होम क्वारंटीन” के तौर पर चिह्नित किया है. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उपराज्यपाल ने ट्विटर पर कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए खाद्य वितरण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी. Also Read - 'कोरोना वायरस को जैविक हथियार बनाकर युद्ध लड़ना चाहता था चीन, 2015 में किया था टेस्ट'

बैजल ने कोविड-19 से निपटने के उपायों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मुख्य सचिव विजय कुमार देव और पुलिस आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की. Also Read - कोरोना वायरस से संक्रमित सपा सांसद आजम खान की तबियत बिगड़ी, बेटे सहित लखनऊ के अस्पताल में भेजा गया

उन्होंने ट्वीट किया, “यह तय किया गया है कि खाद्य वितरण केंद्रों की संख्या वर्तमान 500 से बढ़ाकर 2500 की जाएगी ताकि सामाजिक दूरी का प्रभावी रूप से पालन किया जा सके. होम क्वारंटीन की प्रभावी ढंग से निगरानी की जरूरत है. जीएनसीटीडी ने 20,000 से ज्यादा घरों की पहचान कर उनको पृथक रखने के लिए चिह्नित किया है.” Also Read - Diet for Covid Positive : कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर क्या खाएं मरीज? स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शेयर की पूरी लिस्ट; यहां देखें

उपराज्यपाल ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि खाद्य वितरण केंद्रो की संख्या बढ़ाने का फैसला उन खबरों के बाद लिया गया कि कुछ केंद्रों पर सामाजिक दूरी संबंधी नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है.

बैजल ने ट्वीट किया, “प्रशासन और पुलिस को मेरी सलाह है कि वे सामाजिक दूरी और घर को पृथक रहने संबंधी नियम पर कड़ी नजर रखें. किसी भी उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करें और इसका प्रचार करें. इसके अलावा चिकित्सा सुविधा बढ़ाने के कदम में तेजी लाएं.”

बाद में उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से बयान जारी किया गया है जिसमें सभी संबंधित प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि होम क्वारंटीन की कड़ी निगरानी की जाए और कोरोना को और फैलने से रोकने के लिए प्रोद्योगिकी की मदद ली जाए. बैठक में बैजल ने सलाह दी कि अस्पतालों , पृथक केंद्रों और होम क्वारंटीन से मुक्त हुए लोगों पर निगाह रखने के लिए मानक संचाल प्रक्रिया तय की जाए.

(इनपुट भाषा)