Ram Temple in Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण (Ram Temple in Ayodhya) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद में अहम घोषणा की. पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए विस्तृत योजना तैयार की है.Also Read - जापान में पीएम मोदी ने कहा- इस देश से भारत का रिश्ता बुद्ध, बौद्ध, ज्ञान और ध्यान का है

उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ (Sri Ram Janmabhoomi Teertha Skshetra) के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया है. पीएम मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का फैसला किया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. Also Read - दो दिवसीय यात्रा के लिए जापान रवाना हुए पीएम मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन से भी मिलेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने अयोध्या कानून के तहत अधिग्रहीत 67.70 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को हस्तांतरित करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि 5 एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने पर भी राज्य सरकार की स्वीकृति मिल गई है. Also Read - पुणे की रैली में राज ठाकरे ने बताया क्यों रद्द किया अयोध्या दौरा, पूछा- मातोश्री मस्जिद है क्या?

पीएम मोदी ने कहा कि 9 नवंबर, 2019 को मैं करतारपुर गलियारे के लोकार्पण के लिए करतारपुर में था. गुरुनानक देवजी का 550वां प्रकाश पर्व था और बहुत ही पवित्र वातावरण था. उसी दिव्य वातावरण में मुझे देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा राम जन्मभूमि के विषय पर दिए गए ऐतिहासिक फैसले के बारे में पता चला था. प्रधानमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर को फैसला आने के बाद सभी देशवासियों ने बहुत परिपक्वता का उदाहरण दिया था और वह इसके लिए देशवासियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में हर पंथ के सभी लोग एक वृहद परिवार के सदस्य हैं. इस परिवार के हर सदस्य का विकास हो, वे सुखी और स्वस्थ हों, इस दिशा में उनकी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र के साथ काम कर रही है.

(इनपुट एजेंसी से)