नई दिल्ली: भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या को प्रत्यर्पित कर कभी भी भारत लाया जा सकता है. उसके खिलाफ मुंबई में मामला दर्ज है, इसलिए उसे मुंबई ही लाया जाएगा. जांच एजेंसियों के सूत्रों ने बुधवार को आईएएनएस को यह जानकारी दी. भगोड़े कारोबारी के साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी होंगे. उसका मुंबई एयरपोर्ट पर एक मेडिकल टीम स्वास्थ्य परीक्षण भी करेगी. Also Read - भारत विरोधी एजेंडे के लिए पाक कूटनीति मिशनों का इस्तेमाल कर रही ISI, लंदन बना नया हब

अगर माल्या रात में मुंबई में उतरता है, तो उसे शहर के सीबीआई कार्यालय में कुछ समय बिताना होगा. उसे बाद में दिन में अदालत में पेश किया जाएगा. अगर माल्या दिन में भारत पहुंचेगा तो उसे एयरपोर्ट से सीधे कोर्ट ले जाया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में सीबीआई और ईडी, दोनों एजेंसियां उसकी रिमांड की मांग करेंगी. Also Read - Vande Bharat: एयर-इंडिया की विमान पहुंची कर्नाटक, लंदन से रेसक्यू कर लाए गए 326 भारतीय

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन की अदालत ने अगस्त 2018 में माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए भारतीय जांच एजेंसियों से उस जेल का विस्तृत ब्योरा मांगा था, जहां प्रत्यर्पण के बाद माल्या को रखा जाएगा. तब एजेंसियों ने मुंबई स्थित ऑर्थर रोड जेल की एक सेल का वीडियो ब्रिटेन कोर्ट को सौंपा था, जहां माल्या को भारत लाए जाने के बाद रखने की योजना है. एजेंसियों ने तब ब्रिटेन कोर्ट को आश्वस्त किया था कि माल्या को दो मंजिला ऑर्थर रोड जेल परिसर के अंदर बेहद सुरक्षित बैरक में रखा जाएगा. Also Read - पाक खिलाड़ी ने साथी खिलाड़ी पर लगाया बड़ा आरोप, बोला-मुझे खराब प्रदर्शन के लिए कहा जा रहा था

ऑर्थर रोड जेल में अंडरवल्र्ड से जुड़े कई कुख्यात अपराधियों जैसे अबु सलेम, छोटा राजन, मुस्तफा दोसा को रखा जा चुका है. मुंबई हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को भी बेहद कड़ी सुरक्षा में इसी जेल में रखा गया था. वहीं, शीन बोरा हत्या मामले के आरोपी पीटर मुखर्जी और पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) को 13,500 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाला विपुल अंबानी भी इस जेल में रखा जा चुका है.

माल्या पर देश के 17 बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये बकाया है. वह दो मार्च, 2016 को भारत छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था. भारतीय एजेंसियों ने ब्रिटेन की कोर्ट से माल्या के प्रत्यर्पण की अपील की और लंबी लड़ाई के बाद ब्रिटेन की अदालत ने 14 मई को माल्या के भारत प्रत्यर्पण की अपील पर मुहर लगा दी थी.